फर्रुखाबाद। पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिवस ईद-मिलादुन्नबी के अवसर पर बुधवार को शहर में जुलूस-ए-मोहम्मदी अकीदत, उत्साह और आपसी भाईचारे के माहौल में निकाला गया। शाम करीब छह बजे टाउनहॉल से शुरू हुआ जुलूस देर रात 10 बजे के बाद तक शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरता रहा। करीब 30 से 35 सजे हुए वाहनों और एक दर्जन से अधिक डीजे वाहनों के साथ निकला जुलूस एक किलोमीटर से अधिक लंबा रहा। जुलूस को देखने और स्वागत करने के लिए रास्तेभर लोगों की भीड़ जुटी रही।
सुबह से ही शहर में ईद-मिलादुन्नबी की रौनक दिखाई देने लगी थी। घरों और मस्जिदों में कुरआनख्वानी, कुरआन की तिलावत और इबादत का सिलसिला चलता रहा। बच्चों ने हाथों में परचम लेकर खुशी का इजहार किया। कई घरों में इस मौके पर विशेष पकवान भी बनाए गए। शाम को टाउनहॉल से मरकजी काफिले के साथ जुलूस-ए-मोहम्मदी रवाना हुआ। सजे वाहनों पर आकर्षक झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं।
जुलूस रकाबगंज तिराहा, तिकोना चौकी, पक्का पुल और चौक बाजार समेत शहर के प्रमुख मार्गों से होकर अंजुमन स्कूल के पास पहुंचकर समाप्त हुआ। रास्ते में विभिन्न स्थानों पर तकरीरें हुईं। पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की शान में नारे लगाए गए और लोगों को अमन, भाईचारे, इंसानियत तथा जरूरतमंदों की मदद का संदेश दिया गया। कई स्थानों पर लोगों ने जुलूस का फूल बरसाकर स्वागत किया।
104 साल पुरानी है जुलूस की परंपरा
फर्रुखाबाद में ईद-मिलादुन्नबी पर जुलूस निकालने की परंपरा करीब 104 साल पुरानी बताई जाती है। वर्ष 1922 में पैगंबर मोहम्मद साहब के जन्मदिवस पर कार्यक्रम आयोजित करने के लिए सीरत कमेटी का गठन किया गया था। इसके बाद से कमेटी की ओर से लगातार जुलूस और जलसे का आयोजन किया जा रहा है। इस बार भी बड़ी संख्या में लोगों ने इसमें भागीदारी की।
बाजारों में रोशनी, सुरक्षा में तैनात रहा पुलिस बल
जुलूस को लेकर शहर के मुख्य बाजारों में आकर्षक लाइटिंग की गई थी। जगह-जगह रोशनी और सजावट से बाजार जगमगाते नजर आए। कई स्थानों पर आतिशबाजी भी की गई। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस पूरी तरह सतर्क रही। बिजली लाइनों के नीचे डीजे वाहनों की छत पर खड़े होकर झंडे लहरा रहे लोगों को पुलिस ने नीचे उतारा। पुलिस के अनुसार बिजली की लाइनों के कारण हादसे का खतरा था, इसलिए एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया गया।
गरीबों की मदद का दिया संदेश
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि भूखे को खाना खिलाना और जरूरतमंद की मदद करना सबसे नेक कामों में शामिल है। गरीबों को रोजगार उपलब्ध कराने और जरूरतमंद परिवारों की सहायता के लिए लगातार प्रयास किए जाने की बात कही गई। लोगों से अमन-चैन, भाईचारे और इंसानियत को मजबूत करने का आह्वान किया गया।
अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह ने बताया कि बारावफात के जुलूस को लेकर जिले के सभी थानों में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। अपर पुलिस अधीक्षक के अलावा क्षेत्राधिकारी अमोद कुमार सिंह और चार थानों का पुलिस फोर्स भी जुलूस की सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया।


