– दवाइयों समेत जरूरी सामान रवाना, बाढ़ प्रभावितों के लिए भारत की मानवीय सहायता
– मुश्किल घड़ी में नेपाल के साथ खड़े रहने का भरोसा
नई दिल्ली। नेपाल में आई भीषण बाढ़ से मची तबाही के बीच भारत ने पड़ोसी देश की मदद के लिए राहत का हाथ बढ़ाया है। भारत सरकार ने बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के लिए 10 टन राहत सामग्री नेपाल भेजी है। इसमें प्रभावित लोगों की तत्काल जरूरतों को पूरा करने वाली जरूरी सामग्री के साथ दवाइयां भी शामिल हैं।
भारत की ओर से यह सहायता मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर) के तहत भेजी गई है। इसका उद्देश्य बाढ़ से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाना और नेपाल के राहत एवं बचाव प्रयासों में सहयोग देना है।
बाढ़ के कारण नेपाल के कई हिस्सों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सड़क, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने के कारण प्रभावित क्षेत्रों तक जरूरी सामान पहुंचाना चुनौती बना हुआ है।
ऐसे समय में भारत की ओर से भेजी गई राहत सामग्री में आवश्यक दवाइयों को भी शामिल किया गया है, ताकि बाढ़ प्रभावित लोगों को स्वास्थ्य संबंधी तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
भारत ने इस सहायता के जरिए स्पष्ट किया है कि आपदा की इस मुश्किल घड़ी में वह नेपाल के साथ खड़ा है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से सामाजिक, सांस्कृतिक और मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं। प्राकृतिक आपदा के समय भारत पहले भी नेपाल की सहायता करता रहा है।
भारत की ओर से भेजी गई एचएडीआर सहायता नेपाल में चल रहे राहत कार्यों को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
नेपाल में बाढ़ से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत उपलब्ध कराना इस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता है। भारत की ओर से भेजी गई 10 टन राहत सामग्री और जरूरी दवाइयां प्रभावित लोगों तक आवश्यक सहायता पहुंचाने में मदद करेंगी।
नेपाल की त्रासदी के बीच भारत का यह सहयोग पड़ोसी धर्म और मानवीय संवेदनाओं की मिसाल है। संकट की घड़ी में मदद का हाथ बढ़ाकर भारत ने एक बार फिर नेपाल को भरोसा दिलाया है कि वह उसके साथ खड़ा है।


