जयराम रमेश ने अमित शाह की मंशा पर साधा निशाना
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र की कार्यवाही 13 अगस्त को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए जाने के बावजूद अब तक सत्रावसान की औपचारिक प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि सामान्य तौर पर अनिश्चितकालीन स्थगन और सत्रावसान के बीच कुछ दिनों का अंतर होता है, लेकिन मौजूदा देरी असामान्य है।
रमेश ने सवाल उठाया कि क्या केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अब भी परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को विशेष सत्र में पारित कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकसभा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुए 10 दिन बीत चुके हैं, लेकिन सत्रावसान की जानकारी अब तक सामने नहीं आई है।
कांग्रेस नेता ने संसद की कार्यवाही से संबंधित पुस्तक का हवाला देते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद 85(2) के तहत राष्ट्रपति के आदेश से सदन का सत्रावसान होता है और आमतौर पर यह सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए जाने के बाद किया जाता है।
परिसीमन और महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस ने लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों की संख्या तथा राज्यों के बीच सीटों के वर्तमान आवंटन को अगले 25 वर्षों तक बनाए रखने की मांग की है। साथ ही पार्टी 2029 के लोकसभा चुनाव से ही महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के पक्ष में है।
गौरतलब है कि 17 अप्रैल को लोकसभा में महिलाओं के आरक्षण से जुड़े परिसीमन वाले संविधान संशोधन विधेयक पर मतदान हुआ था। 528 सांसदों में से 298 ने इसके पक्ष में और 230 ने विरोध में मतदान किया था, जबकि संविधान संशोधन विधेयक पारित कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत के तहत 352 मतों की आवश्यकता थी।


