फर्रुखाबाद। जिले में गंगा नदी का कटान लगातार तेज होता जा रहा है। शमशाबाद क्षेत्र के समैचीपुर चितार गांव में मंगलवार को दो ग्रामीणों की झोपड़ियां नदी में समा गईं। वहीं कटरी तौफीक और दौली की मड़ैया समेत कई इलाकों में आबादी पर कटान का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन की सूची के अनुसार अब तक 15 मकान और तीन झोपड़ियां गंगा में समा चुकी हैं।
सदर तहसील क्षेत्र की दिलीप की मड़ैया में कई मकानों के नदी में समाने के बाद अब गंगा की धार दौली की मड़ैया की ओर तेजी से कटान कर रही है। पिछले दो दिनों में यहां कोई नया मकान नदी में नहीं बहा है, लेकिन कटान की रफ्तार को देखते हुए ग्रामीणों में भय बना हुआ है। यदि कटान इसी तरह जारी रहा तो आने वाले दिनों में शेष मकानों के भी नदी की चपेट में आने की आशंका है।
कायमगंज तहसील क्षेत्र के समैचीपुर चितार में मंगलवार को दो झोपड़ियां गंगा में बह गईं। नदी की धार लगातार आबादी की ओर बढ़ रही है, जिससे आसपास रहने वाले ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। कटरी तौफीक क्षेत्र में भी लगातार कटान होने से कई मकानों पर खतरा मंडरा रहा है।
कटान से बचने के लिए कई ग्रामीण अपने घरों को खुद ही तोड़कर सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं। घर का सामान नावों के जरिए बाहर निकाला जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी की धार लगातार आबादी की ओर बढ़ रही है, ऐसे में समय रहते सुरक्षित स्थान पर नहीं पहुंचे तो बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है।
राजस्व विभाग की ओर से अब तक 15 मकानों और तीन झोपड़ियों के गंगा में समाने की सूची तैयार की गई है। कटान के बढ़ते खतरे के बीच कई अन्य ग्रामीण भी अपने मकानों को खाली कर सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाने में जुटे हैं। लगातार हो रहे कटान से गंगा किनारे बसे गांवों में दहशत का माहौल है और ग्रामीण प्रशासन से सुरक्षा व राहत के प्रभावी इंतजाम की मांग कर रहे हैं।


