लखनऊ। शासन के निर्देशों के बावजूद राजधानी लखनऊ के माल और मलिहाबाद क्षेत्र के कई ग्राम सचिवालयों में लेखपालों की अनुपस्थिति सामने आई है। निर्धारित समय पर अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे ग्रामीणों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, शासन ने ग्रामीणों की सुविधा के लिए लेखपालों को ग्राम सचिवालय में नियमित रूप से बैठकर राजस्व संबंधी शिकायतों का निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद मसीढा हमीर और रुदान खेड़ा ग्राम सचिवालयों में लेखपाल निर्धारित समय पर नहीं पहुंचे।
लेखपालों के इंतजार में कई ग्रामीण घंटों तक सचिवालय परिसर में बैठे रहे, लेकिन उनके नहीं आने से आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, भूमि संबंधी विवाद, खतौनी और अन्य राजस्व कार्य लंबित रह गए। इससे ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार गांव स्तर पर ही राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराने का दावा कर रही है, लेकिन संबंधित अधिकारी और कर्मचारी यदि ग्राम सचिवालय में मौजूद ही नहीं रहेंगे तो लोगों को तहसील के चक्कर लगाने पड़ेंगे।
ग्रामीणों ने प्रशासन से लापरवाह लेखपालों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा ग्राम सचिवालयों में उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराने की मांग की है, ताकि आम लोगों को समय पर राजस्व संबंधी सेवाओं का लाभ मिल सके।


