लखनऊ। शारदीय नवरात्र की तृतीया पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां चंद्रघंटा की आराधना की। इस अवसर पर उन्होंने नारी शक्ति के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तीकरण को समृद्ध समाज की नींव बताया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार की हर पहल महिलाओं को सम्मान, स्वाभिमान और गरिमापूर्ण जीवन देने के लिए समर्पित है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मां चंद्रघंटा का दिव्य स्वरूप नारी शक्ति के तेज, गरिमा और अदम्य साहस का प्रतीक है। महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वाभिमान ही सशक्त एवं समृद्ध समाज का आधार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार सुशासन के माध्यम से नारी सशक्तीकरण के लिए विभिन्न प्रयास कर रही है।
योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उस समय प्रदेश में अराजकता के कारण महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान प्रभावित थे। उन्होंने कहा कि माताओं और बहनों के सशक्तीकरण के बजाय तत्कालीन सत्ताधीशों के परिवारों का सशक्तीकरण प्राथमिकता में था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बेटियों की शिक्षा, महिलाओं की सुरक्षा और उनके आर्थिक व सामाजिक सशक्तीकरण के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है। ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान के माध्यम से बेटियों की सुरक्षा और शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के जरिए विवाह को गरिमापूर्ण आधार देने की पहल की गई है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से महिलाओं को मातृत्व के दौरान सहायता दी जा रही है, जबकि उज्ज्वला योजना का उद्देश्य महिलाओं को रसोई के धुएं से राहत दिलाना है। इसके अलावा, इज्जत घर के माध्यम से महिलाओं की गरिमा और सम्मान की रक्षा, घरौनी के जरिए संपत्ति का अधिकार तथा 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को आजीवन निशुल्क बस यात्रा की सुविधा जैसे कदम भी महिला सशक्तीकरण की दिशा में उठाए गए हैं।


