फतेहपुर जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र स्थित हरिहरगंज मोहल्ले के मिशन अस्पताल में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां डिलीवरी के बाद खून चढ़ाने के दौरान 30 वर्षीय महिला की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।
जानकारी के अनुसार, लखीमपुर खागा निवासी रमाकांत सिंह ने अपनी पत्नी सविता देवी को 15 अप्रैल को दोपहर करीब 3 बजे डिलीवरी के लिए अस्पताल में भर्ती कराया था। उसी रात लगभग 9:30 बजे ऑपरेशन के माध्यम से महिला ने एक स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया। शुरुआती दौर में मां और बच्चा दोनों की स्थिति सामान्य बताई गई थी।
परिजनों का आरोप है कि बाद में डॉक्टरों ने महिला में खून की कमी बताते हुए 7 यूनिट ब्लड चढ़ाने की बात कही। आरोप यह भी है कि अस्पताल ने ही ब्लड की व्यवस्था की और परिवार द्वारा रक्तदान की पेशकश को नजरअंदाज कर दिया गया। इसी दौरान ब्लड ट्रांसफ्यूजन के समय महिला की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी।
परिजनों के मुताबिक, ब्लड चढ़ाने के दौरान ही स्थिति गंभीर होने लगी, जिसके बाद उन्होंने इसे रोकने की बात कही, लेकिन इलाज जारी रहा। परिवार का आरोप है कि गुरुवार को दोबारा ब्लड चढ़ाने के बाद महिला की हालत और बिगड़ गई और दोपहर करीब 1 बजे उसकी मौत हो गई।
मृतका के जेठ रविकांत सिंह ने आरोप लगाया कि अस्पताल में इलाज के दौरान गंभीर लापरवाही हुई और गलत तरीके से ब्लड चढ़ाया गया, जिससे यह दर्दनाक घटना हुई। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। वहीं, एसीएमओ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं और एक टीम गठित कर विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों से पूछताछ की जा रही है, जबकि पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।


