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Thursday, June 4, 2026

एनकाउंटर के बाद बवाल, शव लेकर सड़क पर उतरे परिजन, पुलिस पर पथराव, सीओ थानाध्यक्ष समेत कई घायल

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गाजीपुर। होटल कारोबारी विनीत राय हत्याकांड के मुख्य आरोपी कमलेश बिंद के पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने के बाद गुरुवार को गाजीपुर में हालात तनावपूर्ण हो गए। अंतिम संस्कार के लिए ले जाए जा रहे कमलेश बिंद के शव को रास्ते में रोककर सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते विरोध हिंसक हो गया और करीब 400 लोगों की भीड़ ने पुलिस पर जमकर पथराव कर दिया। इस दौरान क्षेत्राधिकारी (सीओ) शेखर सेंगर, सदर कोतवाली प्रभारी प्रमोद सिंह समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।

 

जानकारी के अनुसार शाम करीब 7 बजे कमलेश बिंद का शव अंतिम संस्कार के लिए उसके घर से श्मशान घाट ले जाया जा रहा था। परिवार की महिलाओं ने अर्थी को कंधा देकर विदाई दी, जिसके बाद शव को पिकअप वाहन में रखकर श्मशान ले जाया जा रहा था। लेकिन फुल्लनपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास भीड़ ने शव को वाहन से उतारकर सड़क पर रख दिया और पुलिस पर फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

 

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति बिगड़ गई। पहले कहासुनी और धक्का-मुक्की हुई, फिर अचानक भीड़ ने चारों ओर से पुलिस पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। पथराव इतना तीव्र था कि पुलिसकर्मियों को अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागना पड़ा। कुछ जवानों ने पास स्थित बैंक परिसर में शरण लेकर खुद को बचाया।

 

पथराव में सीओ शेखर सेंगर और थानाध्यक्ष प्रमोद सिंह को चोटें आईं, जबकि सीओ के चालक शशिकांत पांडेय भी घायल हो गए। उनकी घड़ी टूट गई और शरीर पर कई जगह चोटें आईं। भारी पुलिस बल ने किसी तरह हालात को नियंत्रित किया और उपद्रवियों को खदेड़कर शव को अपने कब्जे में लिया। इसके बाद पुलिस की निगरानी में श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कराया गया। कमलेश बिंद के बड़े भाई संजय कुमार बिंद ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के दौरान बेहद सीमित संख्या में लोग मौजूद रहे।

 

पुलिस अधीक्षक ईराज राजा ने घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि कुछ शरारती तत्वों ने जानबूझकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की है। उन्होंने चेतावनी दी कि पथराव और उपद्रव में शामिल लोगों को चिन्हित किया जा रहा है तथा उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अपराधियों को संरक्षण देने वालों पर भी शिकंजा कसा जाएगा और जरूरत पड़ने पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) तक लगाया जाएगा।

 

गौरतलब है कि 29 मई की रात गाजीपुर में होटल कारोबारी आलोक राय के पुत्र विनीत राय की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कटरा गैंग के सरगना शंकर पांडेय, सोनू यादव, कमलेश बिंद और मोनू त्रिपाठी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने 3 जून की रात एक लाख रुपये के इनामी आरोपी कमलेश बिंद को मुठभेड़ में मार गिराया था। जबकि शंकर पांडेय, सोनू यादव और मोनू त्रिपाठी अब भी फरार हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।

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