लखनऊ/नोएडा/मेरठ: उत्तर प्रदेश में पिछले दस दिनों से जारी आंधी-बारिश का सिलसिला गुरुवार को और विकराल रूप में सामने आया। प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और धूल भरे तूफान ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। सबसे अधिक असर नोएडा और ग्रेटर नोएडा में देखने को मिला, जहां 93 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं ने भारी तबाही मचाई। हजारों लोग सड़कों पर फंस गए, जलभराव से यातायात प्रभावित हुआ और शहरभर में करीब 400 पेड़ उखड़ गए।
नोएडा में दिन में छाया अंधेरा, सड़कों पर दिखा तूफान का असर
गुरुवार दोपहर अचानक आसमान में घने काले बादल छा गए और दिन में ही शाम जैसा नजारा बन गया। तेज हवाओं और बारिश के कारण कई इलाकों में दृश्यता कम हो गई। वाहन चालकों को दिन में ही हेडलाइट जलाकर सफर करना पड़ा। फिल्म सिटी, सेक्टर-18, स्पेक्ट्रम मॉल और कई अन्य इलाकों में पेड़ गिरने से यातायात बाधित हो गया। कई वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए।
नोएडा प्राधिकरण के अनुसार आंधी-तूफान के दौरान लगभग 400 पेड़ उखड़ गए या उनकी बड़ी शाखाएं टूटकर सड़कों पर गिर गईं। एलिवेटेड रोड के पास एक बड़ा यूनिपोल (विज्ञापन बोर्ड) भी धराशायी हो गया। हालांकि इसमें कोई जनहानि नहीं हुई।
ग्रेटर नोएडा में हादसा, मजदूर की मौत
सूरजपुर क्षेत्र में निर्माणाधीन साइट पर काम कर रहे 45 वर्षीय मजदूर रंजीत मंडल की मौत हो गई। तेज आंधी के दौरान दीवार से ईंट गिरकर उसके सिर पर लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक बिहार के मुंगेर जिले का निवासी था।
12 जिलों में बारिश, लोगों को गर्मी से राहत
नोएडा के अलावा मेरठ, गाजियाबाद, संभल, अलीगढ़, अयोध्या, गोरखपुर, गोंडा, बाराबंकी, मुजफ्फरनगर, मैनपुरी और अन्य जिलों में भी बारिश दर्ज की गई। कई स्थानों पर तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली।
संभल में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं, जबकि मैनपुरी में आधे घंटे की बारिश के बाद तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मेरठ और मुजफ्फरनगर में सुबह से ही बारिश और ठंडी हवाओं का दौर जारी रहा।
सात जिलों में ऑरेंज अलर्ट, 70 किमी प्रति घंटे तक चल सकती हैं हवाएं
मौसम विभाग ने अलीगढ़, अमरोहा, बदायूं, बुलंदशहर, गौतमबुद्ध नगर, कासगंज और संभल सहित सात जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ घंटों में 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
अगले तीन दिन ऐसा ही रहेगा मौसम
लखनऊ स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय नए पश्चिमी विक्षोभ का असर उत्तर प्रदेश पर पड़ रहा है। इसके चलते अगले तीन दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आंधी, बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रहेगा। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी संभावना है।
मानसून की एंट्री पर नजर, 18 जून तक पूर्वांचल पहुंचने की उम्मीद
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 18 जून के आसपास गोरखपुर क्षेत्र के रास्ते उत्तर प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। इसके बाद 22 जून तक राजधानी लखनऊ सहित मध्य यूपी के अधिकांश हिस्सों तक मानसून पहुंचने की संभावना है।
गंगा में दिखने लगे रेत के टीले, जल संकट की चेतावनी
वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर घटने से बीच धारा में रेत के टीले उभरने लगे हैं। पर्यावरण विशेषज्ञों ने इसे भविष्य के जल संकट का संकेत बताया है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय से पहले नदी का सिकुड़ना और गाद जमना पर्यावरणीय दृष्टि से चिंता का विषय है।
कम बारिश की आशंका, अल नीनो बढ़ा सकता है चिंता
मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि इस वर्ष उत्तर प्रदेश में मानसून सामान्य से कमजोर रह सकता है। वैज्ञानिकों के अनुसार प्रशांत महासागर में अल नीनो की परिस्थितियां विकसित होने से जून से सितंबर के बीच सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है। हालांकि फिलहाल पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में राहत भरी बारिश का दौर जारी है।
प्रदेश में मौसम के इस अचानक बदले मिजाज ने जहां भीषण गर्मी से राहत दी है, वहीं तेज आंधी और तूफान ने जनजीवन को भी प्रभावित किया है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान घरों में रहने और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की है।


