जकार्ता। इंडोनेशिया के माउंट अनाक क्राकाटोआ में रविवार को जोरदार विस्फोट से हड़कंप मच गया। ज्वालामुखी से निकली राख करीब 50 हजार फीट की ऊंचाई तक पहुंची और हवा के साथ आसपास के इलाकों में फैल गई। राख के कारण तांगेरांग स्थित सोएकरनो-हट्टा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उड़ान संचालन प्रभावित हुआ। कुल 301 उड़ानें प्रभावित हुईं, जिनमें 58 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शामिल हैं। फिलहाल किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।
राख रनवे तक पहुंचने के बाद यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए उड़ानें रोकी गईं। सिंगापुर एयरलाइंस ने जकार्ता आने-जाने वाली सभी उड़ानें रद्द कर दीं, जबकि एयरएशिया ने कई उड़ानों को रद्द या नए समय पर संचालित किया। गरुड़ इंडोनेशिया ने यात्रियों से एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जांचने की अपील की है।
आपदा प्रबंधन एजेंसी ने लोगों को ज्वालामुखीय राख से बचने के लिए मास्क और आंखों पर चश्मा लगाने की सलाह दी है। अनाक क्राकाटोआ शुक्रवार रात से लगातार सक्रिय है और फिलहाल दूसरे सबसे ऊंचे अलर्ट स्तर-3 पर है। देश के सेमेरू, मेरापी, लेवोटोबी लाकी-लाकी और सिनाबुंग ज्वालामुखी भी इसी अलर्ट स्तर पर हैं।
अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल अनाक क्राकाटोआ के विस्फोट से सुनामी का खतरा नहीं है। हालांकि यह वही क्षेत्र है जहां 1883 में क्राकाटोआ के भीषण विस्फोट के बाद सुनामी आई थी और 36 हजार से अधिक लोगों की मौत हुई थी। 2018 में अनाक क्राकाटोआ के विस्फोट से भी सुनामी आई थी, जिसमें 400 से अधिक लोगों की जान गई थी। इंडोनेशिया में 120 से 130 सक्रिय ज्वालामुखी हैं और करीब 69 की लगातार निगरानी की जाती है।


