28 C
Lucknow
Sunday, September 6, 2026

गाजा खाली कराने की इजराइली योजना पर 8 मुस्लिम देशों का कड़ा विरोध, अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन की चेतावनी

Must read

 

तेल अवीव। गाजा से फिलिस्तीनियों को हटाने की इजराइली योजना को लेकर तनाव बढ़ गया है। सऊदी अरब, जॉर्डन, यूएई, तुर्किये, कतर, मिस्र, इंडोनेशिया और पाकिस्तान ने इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज और राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्वीर के बयानों की कड़ी निंदा की है। संयुक्त बयान में विदेश मंत्रियों ने कहा कि फिलिस्तीनियों को जबरन हटाने के प्रस्ताव अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन हैं और इससे क्षेत्र में शांति की कोशिशों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।

इजराइली रक्षा मंत्री काट्ज ने कहा था कि अमेरिका की मंजूरी मिलने पर गाजा से फिलिस्तीनियों को बाहर निकालने की योजना लागू की जा सकती है। वहीं बेन-ग्वीर ने गाजा की बड़ी आबादी के कथित ‘स्वैच्छिक पलायन’ की योजना पेश की है। काट्ज ने दावा किया कि गाजा के करीब 80 फीसदी लोग वहां से जाना चाहते हैं, जबकि हमास उन्हें रोक रहा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी पहले गाजा की करीब 20 लाख आबादी को दूसरी जगह बसाने और क्षेत्र को विकसित करने का प्रस्ताव दे चुके हैं। मिस्र समेत कई देशों और फिलिस्तीनियों ने इसका विरोध किया था। फिलिस्तीनियों ने इसे 1948 में हुए बड़े पैमाने के विस्थापन की याद दिलाने वाला कदम बताया था।

इस बीच इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि इजराइली सेना गाजा से पीछे नहीं हटेगी। उनका दावा है कि इजराइल गाजा के करीब 60 फीसदी हिस्से को नियंत्रित कर रहा है और वह हमास के खिलाफ अभियान जारी रखेगा। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजराइली हमलों में अब तक 73 हजार से अधिक फिलिस्तीनियों की मौत हो चुकी है। वहीं इजराइली आंकड़ों के अनुसार, हमास के शुरुआती हमले में 1,221 लोग मारे गए थे।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article