लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बारिश और बाढ़ से हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वे किया। उन्होंने राहत शिविरों में पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और करीब 800 परिवारों को 50-50 किलो की राहत किट वितरित की।
प्रदेश के 26 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं और करीब 3.53 लाख लोग इसकी चपेट में हैं। 17,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर और फर्रुखाबाद समेत कई जिलों में नदियों का जलस्तर बढ़ने से घरों, सड़कों और घाटों में पानी भर गया है।
बरेली में बारिश का पानी घरों की रसोई और बेडरूम तक पहुंच गया, जबकि बिजनौर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तीन फीट तक पानी भरने से एक्स-रे मशीन डूब गई। प्रयागराज में घाट डूबने के कारण सड़क पर अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है। गोंडा में घाघरा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
लगातार बारिश के बीच हादसों में भी कई जानें गई हैं। बदायूं में कच्चे मकान की छत गिरने से एक व्यक्ति की मौत हुई, बुलंदशहर में जर्जर दीवार गिरने से दादी-पोती की मौत हो गई, जबकि बलिया में बाढ़ के पानी में डूबने से दो किशोरों की जान चली गई।
मौसम विभाग ने सोमवार को 58 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। बहराइच और गोंडा समेत छह जिलों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक अगले 48 घंटे बारिश का दौर जारी रह सकता है।


