तीन दिन में ही बदला डीपीआरओ का फैसला
फर्रुखाबाद। जिला पंचायत राज विभाग में महज तीन दिन के भीतर सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) के प्रभार को लेकर लिया गया फैसला बदल दिया गया। पहले मोहम्मदाबाद ब्लॉक का प्रभार विवेक कुमार को सौंपा गया था, लेकिन अब जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) अविनाश कुमार चौरसिया ने नया आदेश जारी कर यह जिम्मेदारी फिर से विनय चौहान को सौंप दी है। विभाग में इस फैसले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
बताया जा रहा है कि विवेक कुमार केवल तीन दिन तक ही मोहम्मदाबाद ब्लॉक में एडीओ पंचायत के रूप में कार्य कर सके। इसके बाद जारी नए आदेश में उन्हें हटाकर पुनः विनय चौहान को जिम्मेदारी दे दी गई। गौरतलब है कि इससे पहले भी विनय चौहान मोहम्मदाबाद ब्लॉक में एडीओ पंचायत की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं और उनके कार्यकाल को लेकर विभागीय कर्मचारियों व जनप्रतिनिधियों के बीच सकारात्मक चर्चा रही है। उनके अनुभव और कार्यशैली को देखते हुए उन्हें दोबारा जिम्मेदारी मिलना स्वाभाविक माना जा रहा है।
इस संबंध में जब जिला पंचायत राज अधिकारी अविनाश कुमार चौरसिया से बात की गई तो उन्होंने कहा, “विवेक कुमार काम करना नहीं चाहते थे, इसलिए उन्हें हटाकर दूसरे अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई है।” डीपीआरओ के इस बयान के बाद विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब विनय चौहान विभाग के सबसे वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल थे और पहले भी इसी ब्लॉक की जिम्मेदारी सफलतापूर्वक संभाल चुके थे, तो आखिर उन्हें नजरअंदाज कर विवेक कुमार को प्रभार क्यों सौंपा गया? यदि तीन दिन बाद ही आदेश बदलना था तो पहला आदेश किन परिस्थितियों में जारी किया गया? इस पूरे घटनाक्रम ने विभागीय निर्णय प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हालांकि अब विनय चौहान को दोबारा मोहम्मदाबाद ब्लॉक की कमान मिलने से कर्मचारियों में यह उम्मीद जगी है कि अनुभवी अधिकारी के नेतृत्व में विकास कार्यों और पंचायत संबंधी योजनाओं के संचालन में तेजी आएगी। वहीं, डीपीआरओ के लगातार बदलते आदेशों को लेकर विभाग में चर्चाओं का दौर भी तेज हो गया है।


