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Friday, September 11, 2026

ब्रिक्स में पुतिन का पश्चिम पर वार, कमजोर पड़ चुका पश्चिम, फिर भी सात देशों का गुट होने का दावा क्यों : पुतिन

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मोदी ने कहा- ब्रिक्स में दुनिया की आधी आबादी, वैश्विक अर्थव्यवस्था में 40 फीसदी हिस्सेदारी

नई दिल्ली। भारत की राजधानी में चल रहे ब्रिक्स सम्मेलन में शुक्रवार को बदलती वैश्विक आर्थिक ताकत की तस्वीर साफ दिखाई दी। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका और यूरोप के नेतृत्व वाले पश्चिमी देशों पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि दुनिया की आर्थिक ताकत का केंद्र तेजी से बदल रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि कमजोर हो चुके पश्चिमी देश अब भी खुद को सात देशों का गुट क्यों कहते हैं। पुतिन के बयान के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स की बढ़ती आर्थिक ताकत का उल्लेख करते हुए कहा कि इस समूह में दुनिया की करीब आधी आबादी रहती है और वैश्विक अर्थव्यवस्था में इसकी हिस्सेदारी करीब 40 फीसदी है।

पुतिन ने कहा कि दुनिया में बड़े और गहरे बदलाव हो रहे हैं। पिछली सदी के दूसरे हिस्से में वैश्विक आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने वाले पुराने आर्थिक केंद्रों की जगह अब नई अर्थव्यवस्थाएं तेजी से आगे आ रही हैं। उन्होंने कहा कि पुराने देशों के पास आज भी मजबूत ढांचा, तकनीक, वैज्ञानिक क्षमता और अनुसंधान संस्थान हैं, लेकिन दुनिया और अर्थव्यवस्था लगातार बदलती रहती है। ऐसे में नए आर्थिक केंद्रों का उभरना स्वाभाविक है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्ष 2006 में ब्रिक्स की शुरुआत केवल चार देशों से हुई थी, लेकिन आज सदस्य और साझेदार देशों को मिलाकर इसका परिवार 21 देशों तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देश दुनिया की करीब 40 फीसदी अर्थव्यवस्था और 25 फीसदी से अधिक वैश्विक व्यापार में हिस्सेदारी रखते हैं। पिछले वर्षों में जहां दुनिया की अर्थव्यवस्था करीब ढाई गुना बढ़ी, वहीं ब्रिक्स देशों की अर्थव्यवस्था साढ़े चार गुना बढ़ी है।

मोदी ने कहा कि ब्रिक्स देश अब नए आविष्कार और आधुनिक तकनीक के बड़े केंद्र बन रहे हैं। भारत व्यापार को और बढ़ाना चाहता है, लेकिन इसके लिए सुरक्षित समुद्री रास्ते जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया में चल रहे संघर्षों का समाधान बातचीत और कूटनीति से ही निकाला जा सकता है और भारत शांति के प्रयासों में सहयोग के लिए तैयार है।

स्थानीय मुद्रा में कारोबार पर जोर

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने ब्रिक्स देशों के बीच आपसी कारोबार में स्थानीय मुद्राओं के इस्तेमाल को बढ़ाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि कुछ गिनी-चुनी मुद्राओं पर अत्यधिक निर्भरता आर्थिक और राजनीतिक संकट के समय कारोबार को प्रभावित कर सकती है। दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने कहा कि अफ्रीका केवल दुनिया को अपने खनिज संसाधन देता रहे और उसके बदले वहां निवेश न हो, यह व्यवस्था अब स्वीकार नहीं की जा सकती।

मोदी-पुतिन की 45 मिनट मुलाकात

ब्रिक्स सम्मेलन के बीच प्रधानमंत्री मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के बीच करीब 45 मिनट तक द्विपक्षीय बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने भारत-रूस व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, तकनीक, परमाणु ऊर्जा, ढांचे और औद्योगिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को 24वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए रूस आने का न्योता दिया, जिसे मोदी ने स्वीकार कर लिया। बैठक के बाद दोनों नेता एक ही वाहन से भारत मंडपम में आयोजित औद्योगिक प्रदर्शनी देखने पहुंचे।

ईरान के राष्ट्रपति से भी मिले मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान के साथ भी बैठक की। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया के हालात और भारत-ईरान संबंधों को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस भी सम्मेलन में पहुंचे हैं। शनिवार से ब्रिक्स नेताओं का मुख्य शिखर सम्मेलन शुरू होगा, जिसमें वैश्विक शासन, आर्थिक सहयोग और बदलती विश्व व्यवस्था पर मंथन होगा।

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