– कमालगंज की कई ग्राम पंचायतों में अधूरे काम से बढ़ी दिक्कतें
– टूटी सड़कें और गड्ढे बने हादसों का खतरा
कमालगंज, फर्रुखाबाद। ग्रामीणों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू किया गया जल जीवन मिशन कमालगंज विकासखंड की कई ग्राम पंचायतों में सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों का आरोप है कि कहीं पाइपलाइन बिछाने का काम अधूरा है तो कहीं पाइपलाइन डालने के बाद भी पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। वहीं, पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों और गलियों की ठीक से मरम्मत न होने से ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
क्षेत्र की गंगनी, गांधीनगर, राजेपुर सराय मेदा, चंदनपुर, कनकौली, खुदागंज और दीनारपुर ग्राम पंचायतों में जल जीवन मिशन के कार्यों की स्थिति को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि योजना के तहत काम शुरू होने के बाद उम्मीद थी कि घर-घर नल से पानी पहुंचेगा, लेकिन कई जगह काम अधूरा छोड़ दिया गया और कई स्थानों पर पाइपलाइन बिछने के बावजूद पानी की सप्लाई शुरू नहीं हुई।
चंदनपुर के सबलपुर निवासी विपिन सिंह का आरोप है कि गांव में ठेकेदारों ने मनमाने तरीके से काम किया। उनके मुताबिक आधे घरों में ही पानी के लिए पाइपलाइन कनेक्शन किया गया है, जबकि कई परिवार अब भी इससे वंचित हैं। जगह-जगह सड़कें पाइपलाइन डालने के दौरान क्षतिग्रस्त हुईं और कई स्थानों पर टोंटियां लगी होने के बावजूद उनमें पानी नहीं आ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि योजना का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब पाइपलाइन के साथ नियमित जलापूर्ति भी सुनिश्चित की जाए। केवल पाइपलाइन बिछाकर कनेक्शन दिखा देना ग्रामीणों की पेयजल समस्या का समाधान नहीं है।
कनकौली और खुदागंज में पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा होने के बावजूद अभी तक पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हुई है। ग्रामीणों के अनुसार पाइपलाइन डालने के बाद कार्यदायी संस्था के कर्मचारी और ठेकेदार चले गए, लेकिन घरों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था शुरू नहीं हो सकी।
नतीजतन ग्रामीण आज भी पेयजल के लिए हैंडपंपों पर निर्भर हैं। लोगों का सवाल है कि जब पाइपलाइन बिछ चुकी है तो पानी की आपूर्ति शुरू करने में देरी क्यों हो रही है।
गंगनी गांव के ग्रामीणों मनीराम, विमल, गुड़ी देवी और संधेया का कहना है कि गांव में पाइपलाइन बिछाई गई और पानी की आपूर्ति शुरू होने का दावा भी किया गया, लेकिन वास्तविक स्थिति अलग है। ग्रामीणों के मुताबिक गांव के केवल आधे हिस्से में पानी पहुंच रहा है, जबकि बाकी क्षेत्र के लोग अभी भी नियमित जलापूर्ति का इंतजार कर रहे हैं।
जल जीवन मिशन के कार्यों का असर केवल पेयजल व्यवस्था तक सीमित नहीं है। कई गांवों में पाइपलाइन बिछाने के दौरान सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं।
गांधीनगर में कुछ महीने पहले बनी सीसी सड़क को पाइपलाइन डालने के लिए जगह-जगह तोड़ दिया गया। यह मार्ग पुल की ओर जाने वाला प्रमुख रास्ता बताया जा रहा है। वहीं राजेपुर सराय मेदा में भी मुख्य मार्ग को पाइपलाइन के काम के दौरान नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि नई बनी सड़कों को तोड़ने से पहले संबंधित विभाग से आवश्यक अनुमति ली गई थी या नहीं, इसकी भी जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि यदि सड़क निर्माण में सरकारी धन खर्च हुआ और उसके कुछ ही समय बाद उसे दोबारा खोद दिया गया, तो इससे सरकारी धन के इस्तेमाल पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
ग्राम पंचायत चंदनपुर में पाइपलाइन बिछाने के बाद गलियों और सीसी सड़कों की मरम्मत भी ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि खुदाई के बाद रास्तों की सही ढंग से बहाली नहीं की गई। कई स्थानों पर की गई मरम्मत ऊबड़-खाबड़ है, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी होती है।
सबसे गंभीर स्थिति राजेपुर सराय मेदा संपर्क मार्ग पर दीनारपुर में बताई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार पाइपलाइन डालने के लिए सड़क पर की गई खुदाई के बाद गड्ढों को ठीक से नहीं भरा गया। बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी भर गया है और कीचड़ जमा होने से रास्ता बेहद खराब हो गया है।
पानी भरने के कारण कई गड्ढे दिखाई भी नहीं देते। ग्रामीणों का कहना है कि बाइक सवार आए दिन गिरकर चोटिल हो रहे हैं और किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। राहगीरों को भी इस रास्ते से निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जल जीवन मिशन के अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।


