200 यूनिट मुफ्त बिजली, महिला सुरक्षा के लिए विशेष बल
चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में रविवार को एक ऐतिहासिक मोड़ आ गया, जब अभिनेता से नेता बने थलापति विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर सत्ता की कमान संभाल ली। चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने टीवीके प्रमुख विजय को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। उनके साथ नौ नवनिर्वाचित विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली।
तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) ने अपने पहले ही विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए 108 सीटें जीतकर तमिल राजनीति में भूचाल ला दिया। कांग्रेस, वीसीके और वामदलों के समर्थन से पार्टी ने बहुमत का आंकड़ा पार किया और सरकार बनाने में सफल रही। शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई बड़े राष्ट्रीय नेता मौजूद रहे।
शपथ लेते ही मुख्यमंत्री विजय ने जनता को बड़े तोहफे दिए। उन्होंने घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने वाली पहली फाइल पर हस्ताक्षर किए। इसके साथ ही महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष सुरक्षा बल गठित करने की घोषणा भी की। अपने पहले संबोधन में विजय ने कहा कि उनकी सरकार “धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक न्याय और पारदर्शिता” के सिद्धांतों पर चलेगी। उन्होंने साफ कहा कि जनता से झूठे वादे नहीं किए जाएंगे और सरकार पूरी ईमानदारी से काम करेगी।
मुख्यमंत्री विजय ने पिछली सरकारों पर तमिलनाडु को भारी कर्ज में डुबोने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि करीब 10 लाख करोड़ रुपये के कर्ज के दबाव के बीच उन्होंने जिम्मेदारी संभाली है। राज्य की आर्थिक स्थिति स्पष्ट करने के लिए जल्द ही श्वेत पत्र जारी किया जाएगा। विजय ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार में “सत्ता का कोई दूसरा केंद्र नहीं होगा।”
शपथ ग्रहण के बाद पूरे तमिलनाडु में टीवीके कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया। जगह-जगह मिठाइयां बांटी गईं और आतिशबाजी की गई। विजय के मुख्यमंत्री बनने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बधाई दी और केंद्र की ओर से राज्य के विकास में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इसे “सामाजिक न्याय और आत्मसम्मान की राजनीति की नई शुरुआत” बताया। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की जनता, खासकर युवाओं ने विजय पर भरोसा जताया है और नई सरकार राज्य को नई दिशा देगी।
तमिल राजनीति में दशकों से द्रविड़ दलों का दबदबा रहा है, लेकिन विजय की इस जीत ने राज्य में नए राजनीतिक युग की शुरुआत का संकेत दे दिया है। फिल्मी पर्दे के ‘थलापति’ अब सत्ता के असली ‘नायक’ बन चुके हैं।


