– हरित ऊर्जा, एआई डेटा सेंटर और ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाओं का जे डब्लू ग्लोबल नें दिया प्रस्ताव
– कई मंत्री सहमत, जल्द मुख्यमंत्री करेंगे वार्ता
शरद कटियार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में एक और बड़े निवेश प्रस्ताव ने औद्योगिक और ऊर्जा क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा कर दी हैं। अंतरराष्ट्रीय कंपनी जे डब्लू ग्लोबल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने प्रदेश में ₹1.31 लाख करोड़ से अधिक के निवेश की इच्छा जताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रस्ताव भेजा है।प्रस्ताव से कई मंत्री गण भी सहमत हैँ।
कंपनी राज्य में अपनी महत्वाकांक्षी “द सीड” परियोजना स्थापित करना चाहती है। यह परियोजना हरित ऊर्जा, डेटा सेंटर, ग्रीन हाइड्रोजन और आधुनिक औद्योगिक अवसंरचना पर आधारित होगी। इसी मॉडल पर महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में भी कार्य किया जा रहा है।
कंपनी के अनुसार उत्तर प्रदेश का तेजी से विकसित हो रहा एक्सप्रेसवे नेटवर्क, बेहतर कानून व्यवस्था, मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और उद्योग अनुकूल नीतियां निवेश के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान कर रही हैं।
जे डब्लू ग्लोबल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक एवं अध्यक्ष जयदीप वानखेड़े ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश में निवेश और सतत विकास का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि कंपनी प्रदेश में भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ऊर्जा और तकनीक आधारित एकीकृत औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित करना चाहती है।
प्रस्तावित परियोजना के तहत 2000 मेगावाट क्षमता का फ्लोटिंग सोलर प्लांट, 1000 मेगावाट-घंटा बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली, 1400 मेगावाट क्षमता का एआई और एचपीसी आधारित डेटा सेंटर, तथा 6900 मीट्रिक टन प्रतिवर्ष क्षमता का ग्रीन हाइड्रोजन संयंत्र स्थापित करने की योजना है।
इसके अलावा परियोजना में भविष्य की स्वच्छ ऊर्जा तकनीक माने जाने वाले स्मॉल मॉड्यूलर न्यूक्लियर रिएक्टर (एसएमआर) को भी शामिल करने का प्रस्ताव है।
कंपनी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर परियोजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण देने के लिए समय मांगा है। यदि यह निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतरता है तो यह उत्तर प्रदेश के इतिहास के सबसे बड़े निजी निवेशों में शामिल हो सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा, ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख ग्रीन एनर्जी एवं डेटा सेंटर हब के रूप में उभर सकता है।
वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में ₹1.31 लाख करोड़ का यह संभावित निवेश राज्य के औद्योगिक विकास को नई गति देने वाला साबित हो सकता है।


