लखनऊ। उत्तर प्रदेश ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए रविवार को ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत एक ही दिन में 35 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य पूरा करने का दावा किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर से राज्यव्यापी पौधरोपण महायज्ञ-2026 का शुभारंभ किया। यह अभियान वन विभाग, विभिन्न सरकारी विभागों, स्थानीय निकायों, स्वयंसेवी संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों और आम नागरिकों की व्यापक भागीदारी के साथ प्रदेशभर में चलाया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पौधरोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि धरती माता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का महायज्ञ है। उन्होंने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर नीम, पीपल और बरगद की पवित्र त्रिवेणी के पौधे रोपकर अभियान का शुभारंभ किया और प्रदेशवासियों से पौधे लगाने के साथ-साथ उनके संरक्षण का भी संकल्प लेने का आह्वान किया।
प्रदेश सरकार के अनुसार इस महाअभियान में वन विभाग ने 15 करोड़ से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य पूरा किया, जबकि अन्य विभागों, ग्राम पंचायतों, नगर निकायों, विद्यालयों, महाविद्यालयों और सामाजिक संगठनों ने भी बड़े स्तर पर सहभागिता की। पौधरोपण के लिए पूरे प्रदेश में 5.25 लाख से अधिक स्थान चिन्हित किए गए थे और इसके लिए 52.44 करोड़ पौधे विभिन्न नर्सरियों में तैयार किए गए थे।
राज्य सरकार का कहना है कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में करोड़ों पौधे लगाए गए हैं, जिससे वन एवं हरित क्षेत्र के विस्तार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सरकार का लक्ष्य केवल रिकॉर्ड बनाना नहीं, बल्कि जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान, वायु प्रदूषण और भूजल संकट जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए जनभागीदारी आधारित हरित अभियान को मजबूत करना है।
हालांकि, किसी भी वृक्षारोपण अभियान की वास्तविक सफलता लगाए गए पौधों की संख्या से अधिक उनके जीवित रहने और वृक्ष बनने की दर पर निर्भर करेगी। पर्यावरण विशेषज्ञ भी लगातार इस बात पर जोर देते रहे हैं कि पौधरोपण के साथ नियमित सिंचाई, सुरक्षा, जियो-टैगिंग और निगरानी सुनिश्चित की जाए, तभी ऐसे अभियान दीर्घकालिक पर्यावरणीय लाभ दे सकेंगे।


