नई दिल्ली
दिल्ली दंगों के आरोपी और पूर्व जेएनयू छात्र नेता उमर खालिद को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उमर खालिद को 1 जून से 3 जून तक अंतरिम जमानत मंजूर कर दी है, ताकि वह अपनी बीमार मां की मेडिकल सर्जरी के दौरान उनकी देखभाल कर सकें।
सुनवाई के दौरान उमर खालिद की ओर से अदालत में बताया गया कि उनकी मां की तबीयत गंभीर है और जल्द सर्जरी होनी है, जिसके चलते परिवार को उनकी जरूरत है। इस पर दिल्ली हाई कोर्ट ने मानवीय आधार पर सीमित अवधि की राहत देते हुए अंतरिम जमानत देने का फैसला सुनाया।
हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि जमानत अवधि के दौरान उमर खालिद किसी भी सार्वजनिक गतिविधि या मीडिया बातचीत में शामिल नहीं होंगे और उन्हें तय शर्तों का पालन करना होगा।
उमर खालिद फरवरी 2020 के दिल्ली दंगा मामले में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए के तहत आरोपी हैं और लंबे समय से न्यायिक हिरासत में बंद हैं। इससे पहले भी उन्होंने कई बार जमानत की मांग की थी, लेकिन अदालतों से राहत नहीं मिल सकी थी।
दिल्ली दंगों के मामलों को लेकर राजनीतिक और कानूनी हलकों में लगातार बहस जारी है। ऐसे में हाई कोर्ट द्वारा दी गई यह अंतरिम राहत एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है।


