फर्रुखाबाद। शिक्षा विभाग में आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को “उ.प्र. आउटसोर्सिग सेवा निगम के अंतर्गत लाने एवं न्यूनतम मानदेय 20,000 रुपये प्रतिमाह किए जाने की मांग शिक्षा मंत्री को भेजे गए ज्ञापन में की गई है।
ज्ञापन में कहा गया कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों के राजकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर वर्षों से अल्प मानदेय पर कर्मचारी निरंतर सेवा दे रहे हैं।
जिन्हें 8315 प्रतिमाह मानदेय प्राप्त हो रहा है। महंगाई के दौर में इतने कम मानदेय में परिवार का भरण-पोषणए बच्चों की पढ़ाईए दवा-इलाज एवं रोजमर्रा की जरूरतें पूरी कर पाना संभव नहीं है।
अवगत कराया गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आउटसोर्स कर्मचारियों को सेवा निगम के अंतर्गत लाने तथा सम्मानजनक वेतन देने का वादा किया था।
ज्ञापन में मांग की गयी कि शिक्षा विभाग में कार्यरत समस्त आउटसोर्स चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को तत्काल “उत्तर प्रदेशआउटसोर्सिंग सेवा निगम” के अंतर्गत लाया जाए और न्यूनतम मानदेय ₹20,000 रू० प्रतिमाह निर्धारित किया जाए। इसके साथ ही ईपीएफ व ईएस आई सेवा सुरक्षा एवं अन्य सरकारी लाभ भी प्रदान किए जाएं। ज्ञापन पर नितिन त्रिवेदी कौशल कुमार वैभव शुक्ला राहुल सूर्य प्रकाश कर्मचारियों ने हस्ताक्षर किए।
शिक्षा विभाग केआउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने निगम से संबद्ध कर मानदेय बढ़ाने की उठाई मांग


