कासगंज
साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। मंगलवार को पुलिस ने 31 लाख रुपये की डिजिटल ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए राजस्थान के जालौर जिले के एक पुरुष और एक महिला को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों के कब्जे से फर्जी दस्तावेज, चेक बुक, एटीएम कार्ड और जाली पहचान पत्र बरामद किए गए हैं।
अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार ने प्रेसवार्ता में बताया कि गंजडुंडवारा निवासी कारोबारी मोहम्मद स्वालेह अंसारी ने 19 मार्च 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उन्हें डिजिटल अरेस्ट के नाम पर धमकाकर 31 लाख रुपये की ठगी की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल और थाना गंजडुंडवारा की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की।
जांच के दौरान सामने आया कि ठगी की रकम अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की गई थी। इनमें से 6.10 लाख रुपये राजस्थान के जालौर जनपद के सांचौर निवासी मांगीलाल बिश्नोई के खाते में पहुंचे थे। पुलिस के अनुसार, मांगीलाल ने 6 लाख रुपये का चेक एक महिला के नाम जारी किया, जिसने बैंक से रकम निकाल ली।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने एटा बाईपास स्थित सिढ़पुरा क्षेत्र के अंबर मोड़ के पास से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह संगठित तरीके से लोगों के पैन कार्ड और आधार कार्ड को एडिट कर फर्जी दस्तावेज तैयार करता था। इन दस्तावेजों के आधार पर विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाए जाते थे और फिर चेक बुक जारी कराकर ठगी की रकम को निकाल लिया जाता था।
पुलिस ने आरोपियों के पास से जाली पैन कार्ड की प्रतियां, फर्जी चेक, आधार कार्ड और सात एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। अब तक आरोपियों से 5 हजार रुपये की नकद रिकवरी भी की गई है। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह में और भी सदस्य शामिल हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अंजान कॉल, डिजिटल अरेस्ट या सरकारी एजेंसी बनकर डराने वाले व्यक्तियों से सतर्क रहें और किसी भी स्थिति में अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें।


