वॉशिंगटन
अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन स्थित मशहूर वॉशिंगटन हिल्टन होटल एक बार फिर अचानक सुर्खियों में आ गया, जब वहां एक बड़े कार्यक्रम के दौरान फायरिंग जैसी आवाजों ने पूरे माहौल को दहला दिया। घटना उस समय हुई जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर में शामिल थे और हजारों लोग मौजूद थे।
आवाजें सुनते ही कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी सुरक्षा के लिए इधर-उधर भागने लगे। कई लोग टेबल के नीचे छिप गए, जबकि कुछ जमीन पर लेट गए। कुछ ही पलों में पूरी जगह तनावपूर्ण माहौल में बदल गई।
यूएस सीक्रेट सर्विस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया। सुरक्षा बलों ने पूरे होटल परिसर को घेर लिया और स्थिति को नियंत्रण में लेने की कोशिश शुरू कर दी।
अधिकारियों के अनुसार, होटल की लॉबी के पास एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है और मामले की जांच जारी है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि आवाजें वास्तविक फायरिंग थीं या किसी अन्य कारण से अफरा-तफरी मची।
इस घटना ने 1981 की उस ऐतिहासिक और दर्दनाक घटना की यादें भी ताजा कर दीं, जब इसी होटल के बाहर तत्कालीन राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन पर जानलेवा हमला हुआ था। उस हमले में कई लोग घायल हुए थे और सुरक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए थे।
1981 और 2026 की इन घटनाओं के बीच यह होटल एक बार फिर सुरक्षा और संभावित खतरे के केंद्र में आ गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही वीआईपी सुरक्षा मजबूत हो, लेकिन बड़े आयोजनों में भीड़ और खुले परिसर के कारण जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता।
वॉशिंगटन हिल्टन होटल में फायरिंग की अफवाह से दहशत, ट्रंप की मौजूदगी में मची अफरा-तफरी


