इटावा
में आयोजित होमगार्ड भर्ती परीक्षा के बाद शाम अभ्यर्थियों को भारी अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। परीक्षा समाप्त होते ही हजारों अभ्यर्थी एक साथ बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन की ओर पहुंचे, लेकिन परिवहन व्यवस्था उनकी संख्या के सामने पूरी तरह नाकाफी साबित हुई। खासकर कन्नौज और फर्रुखाबाद जाने वाले अभ्यर्थियों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी।
शाम करीब सवा पांच बजे परीक्षा केंद्रों से निकले अभ्यर्थी साढ़े पांच से छह बजे के बीच बस स्टैंड पर पहुंच गए। यहां पहुंचते ही उन्हें बसों की कमी का सामना करना पड़ा। स्थिति यह रही कि कई अभ्यर्थियों को आधे से एक घंटे तक बस का इंतजार करना पड़ा। जैसे ही करीब पौने सात बजे एक बस पहुंची, उसमें चढ़ने के लिए युवाओं में अफरा-तफरी मच गई। कोई खिड़की से अंदर घुसने की कोशिश करता नजर आया तो कोई दरवाजे पर धक्का-मुक्की करते हुए बस में चढ़ने की जद्दोजहद करता दिखा।
बस स्टैंड पर अव्यवस्था का आलम देर रात तक बना रहा। वहीं ट्रेनों में भी भीड़ का दबाव साफ दिखाई दिया, जहां सीट पाने के लिए यात्रियों में होड़ मची रही। इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के शामिल होने के बावजूद पर्याप्त परिवहन व्यवस्था नहीं की जा सकी।
रोडवेज के एआरएम अमित कुमार ने बताया कि कन्नौज और फर्रुखाबाद के लिए पांच-पांच अतिरिक्त बसें लगाई गई थीं, लेकिन अपेक्षा से अधिक संख्या में अभ्यर्थी पहुंचने के कारण दिक्कत हुई। उन्होंने माना कि अचानक बढ़ी भीड़ के चलते व्यवस्था प्रभावित हुई।
स्थानीय लोगों और अभ्यर्थियों का कहना है कि ऐसी बड़ी परीक्षाओं के दौरान परिवहन की बेहतर योजना बनानी चाहिए, ताकि अभ्यर्थियों को इस तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े।


