इटावा
शहर में को आयोजित होमगार्ड भर्ती परीक्षा के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना पुलिस-प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती साबित हुआ। शहर में बनाए गए 11 परीक्षा केंद्रों के आसपास तो ट्रैफिक व्यवस्था काफी हद तक नियंत्रित रही, लेकिन फर्रुखाबाद हाईवे पर हालात पूरी तरह बिगड़ गए और लोगों को भीषण जाम से जूझना पड़ा।
शनिवार को शहर में करीब आठ हजार अभ्यर्थियों की दो पालियों में परीक्षा आयोजित की गई थी। इसे ध्यान में रखते हुए पुलिस और यातायात विभाग ने व्यापक प्लानिंग की थी। मुख्य मार्गों और परीक्षा केंद्रों के आसपास ट्रैफिक को व्यवस्थित रखने में प्रशासन सफल भी रहा, लेकिन फर्रुखाबाद हाईवे पर लापरवाही और अव्यवस्था के चलते दोपहर करीब दो बजे से तीन बजे तक लंबा जाम लग गया।
कानपुर-आगरा नेशनल हाईवे के अंडरपास के पास यातायात कर्मियों की गैरमौजूदगी जाम की सबसे बड़ी वजह बनी। अंडरपास से लेकर जुगरामऊ चौराहे तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थिति यह रही कि महज 100 से 200 मीटर की दूरी तय करने में लोगों को आधे से पौन घंटे तक का समय लग गया। इस दौरान कार, ट्रैक्टर और अन्य वाहनों के चालकों की मनमानी और उल्टी दिशा में वाहन चलाने की वजह से जाम और विकराल हो गया।
जाम की चपेट में बड़ी संख्या में स्कूली वाहन भी आ गए, जिससे बच्चों और अभिभावकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़क किनारे दुकानदारों द्वारा लगाए गए बोर्ड और अतिक्रमण भी यातायात बाधित करने का कारण बने। करीब एक घंटे तक लोग जाम में फंसे रहे और हालात बेहद खराब बने रहे।
सूचना मिलने के बाद थाना पुलिस और यातायात पुलिस मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद यातायात को सुचारू कराया गया। इस पूरे मामले पर क्षेत्राधिकारी रामगोपाल शर्मा ने बताया कि परीक्षा केंद्रों के रूट पर विशेष ध्यान दिया गया था और अंडरपास पर होमगार्ड व पीआरडी जवानों की ड्यूटी लगाई गई थी। वहां कर्मियों की अनुपस्थिति की जांच कराई जाएगी।
घटना ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया होता और नियमों का सख्ती से पालन कराया जाता, तो इस तरह की स्थिति से बचा जा सकता था।


