शमशाबाद, फर्रुखाबाद। थाना क्षेत्र के ग्राम अजीजाबाद से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां करीब तीन महीने पहले कुत्ते के हमले का शिकार हुए 60 वर्षीय साधु की हालत अचानक बिगड़ने पर मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों में कोहराम मच गया।
जानकारी के अनुसार, अजीजाबाद निवासी साधु राकेश दास (उम्र लगभग 60 वर्ष) तीन माह पूर्व शमशाबाद के ढाई घाट स्थित गंगा नदी पर स्नान करने गए थे। इसी दौरान एक खूंखार कुत्ते ने उन पर हमला कर दिया और गंभीर रूप से काट लिया था। घटना के बाद साधु ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) शमशाबाद में उपचार कराया और एंटी-रेबीज इंजेक्शन भी लगवाया था। कुछ समय बाद वह सामान्य हो गए और इस घटना को लगभग भूल बैठे।
परिजनों के मुताबिक, करीब एक सप्ताह पूर्व अचानक साधु की तबीयत बिगड़ने लगी। घबराए परिजन उन्हें तत्काल सीएचसी शमशाबाद लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए उन्हें लोहिया अस्पताल फर्रुखाबाद रेफर कर दिया। वहां भी स्थिति में सुधार न होने पर चिकित्सकों की सलाह पर उन्हें कानपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ।
आखिरकार निराश परिजन उन्हें घर वापस ले आए। शुक्रवार की सुबह अचानक उनकी तबीयत अत्यधिक बिगड़ गई और अस्पताल ले जाने की तैयारी ही चल रही थी कि उन्होंने दम तोड़ दिया। उनकी मौत बेहद पीड़ादायक बताई जा रही है।
घटना के बाद घर में कोहराम मच गया और पूरे मोहल्ले में मातम छा गया। मृतक के भाई रामचरण, शीशराम और कैलाश चंद का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्राम प्रधान महेश चंद्र ने बताया कि घटना के समय साधु को कुत्ते ने बुरी तरह काटा था और अस्पताल में इंजेक्शन भी लगाया गया था, लेकिन बाद में लापरवाही या भूल के चलते पूरी सावधानी नहीं बरती गई, जिसका खामियाजा उन्हें अपनी जान गंवाकर चुकाना पड़ा।
बताया गया है कि मृतक साधु अविवाहित थे और लंबे समय से संत समाज से जुड़े हुए थे। वह अपने चार भाइयों में सबसे छोटे थे। इस दुखद घटना के बाद परिजनों ने बिना पुलिस को सूचना दिए ही अंतिम संस्कार कर दिया।
तीन माह बाद कुत्ते के काटने का खौफनाक असर: साधु की तड़प-तड़प कर मौत, गांव में दहशत का माहौल


