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Monday, June 1, 2026

सीएमओ कार्यालय से लोहिया अस्पताल पहुंचा दिव्यांग बोर्ड, पहले ही दिन व्यवस्थाओं से जूझी टीम

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पहले दिन दिव्यांग बोर्ड में चिकित्सकों को झेलनी पड़ी भारी समस्या
फर्रुखाबाद। दिव्यांगजनों को बेहतर और सुगम स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने दिव्यांग बोर्ड के संचालन स्थल में बदलाव किया है। अब तक मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय, फतेहगढ़ में लगने वाला दिव्यांग बोर्ड जिला अधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के निर्देशन में डॉ. राम मनोहर लोहिया चिकित्सालय में संचालित किया जा रहा है। सोमवार को नए स्थान पर दिव्यांग बोर्ड का पहला आयोजन हुआ, लेकिन पहले ही दिन चिकित्सकों और दिव्यांगजनों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा।
दिव्यांग बोर्ड में जांच एवं प्रमाणन के लिए नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मेघा सक्सेना, नाक-कान-गला रोग विशेषज्ञ डॉ. नवनीत तथा डॉ. आयुष्मान मौजूद रहे। बोर्ड की कार्यवाही शुरू होते ही बड़ी संख्या में दिव्यांगजन और उनके परिजन अस्पताल पहुंचने लगे।
हालांकि नए स्थान की जानकारी आम लोगों तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाने के कारण अव्यवस्था की स्थिति बनी रही। लोहिया अस्पताल में आने वाले सामान्य मरीज और उनके तीमारदार भी दिव्यांग बोर्ड के कक्ष तक पहुंचकर चिकित्सकों से विभिन्न प्रकार की पूछताछ करने लगे। इससे बोर्ड के कार्य में बार-बार व्यवधान उत्पन्न हुआ और चिकित्सकों को दिव्यांगजनों की जांच के साथ-साथ लोगों की जिज्ञासाओं का भी जवाब देना पड़ा। पहले दिन टीम को सबसे अधिक परेशानी भीड़ नियंत्रण और लोगों को सही जानकारी देने में हुई।
वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में ऐसे दिव्यांगजन भी सामने आए जो पुरानी व्यवस्था के अनुसार फतेहगढ़ स्थित सीएमओ कार्यालय पहुंच गए। वहां पहुंचने पर उन्हें जानकारी मिली कि अब दिव्यांग बोर्ड का संचालन लोहिया अस्पताल में किया जा रहा है। इसके बाद कई दिव्यांगजन और उनके परिजन सीएमओ कार्यालय से लोहिया अस्पताल पहुंचे, जिससे उन्हें अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ी।
अस्पताल सूत्रों का कहना है कि नए स्थान पर दिव्यांग बोर्ड के संचालन की व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए स्पष्ट सूचना पट्ट, हेल्प डेस्क तथा दिशा-निर्देश बोर्ड लगाए जाने की आवश्यकता है, ताकि दिव्यांगजनों को अनावश्यक भटकना न पड़े और चिकित्सकों को भी अपने कार्य में बाधा का सामना न करना पड़े।
प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि प्रारंभिक दिनों में कुछ व्यवस्थागत चुनौतियां स्वाभाविक हैं, लेकिन आने वाले समय में लोगों को नई व्यवस्था की जानकारी होने के बाद दिव्यांग बोर्ड का संचालन अधिक व्यवस्थित और सुचारू रूप से हो सकेगा।

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