फर्रुखाबाद । अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के पदाधिकारियों ने प्रभारी निरीक्षक फतेहगढ़ से वार्ता वार्ता करके खरीदी तरीके से इंसान प्रधानाचार्य और शिक्षक के विरुद्ध लिखी झूठी रिपोर्ट को वापस लेने और आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने हैं की मांग की। पदाधिकारियों ने कहा कि यदि ऐसा नहीं होता है तो संगठन आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा।
बताते चलें कि विगत दिनों आंगनबाड़ी रहनुमा उसके पति राजकुमार ने गंभीर घटना की थी और इंचार्ज प्रधानाचार्य रीना पांडेय व सहायक अध्यापक अमरेश के साथ लूटपाट में सरकारी कार्य में बाधा डालने का काम किया था। जिस पर इंतजार प्रधानाचार्य ने पुलिस तथा बीएसए को शिकायती पत्र दिया था पुलिस ने इंतजार बनाया जारी के प्रतिवेदन पर ध्यान नहीं दिया और आरोपियों की तरफ से दिए गए दी गई शिकायत पर पीड़ितों के खिलाफ ही मुकदमा पंजीकृत कर दिया।कहा गया कि प्रभारी निरीक्षक द्वारा पीड़ित पक्ष का प्रार्थना पत्र को दर्ज किये बगैर शिक्षक एवं इंचार्ज प्रधानाध्यापिका को ही दोषी मान लिया गया एवं एनसीआर दर्ज कर दी गयी जिससे कि शिक्षकों में आक्रोश है । विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों द्वारा यह कहा गया है कि पीड़ित पक्ष के प्रार्थना पत्र पर वरिष्ठ अधिकारियों से वार्ता की जाएगी।
इस अवसर पर मजहर मो० नरेन्द्र ,प्रवेश कटियार, प्रमोद दीक्षित,अतुल मराल, पंकज यादव,पीयूष कटियार, ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी,धीरेन्द्र यादव,प्रमोद यादव आदि मौजूद रहे।
इंचार्ज प्रधानाध्यापिका के विरुद्ध झूठे मुकदमे के मामले ने पकड़ा तूल, शिक्षक संगठन में संभाला मोर्चा


