एमएलसी प्रांशु दत्त द्विवेदी ने अनशन स्थल पहुंच श्याम बिहारी अवस्थी से की लंबी वार्ता, डीएम को फोन कर दिए सख्त निर्देश
अमृतपुर, फर्रुखाबाद
बलीपट्टी रानीगांव में पिछले कई दिनों से चल रहा धरना और भूख हड़ताल अब जिले की सबसे चर्चित घटनाओं में शामिल हो गया है। शनिवार को उस समय पूरे गांव में हलचल मच गई, जब भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) प्रांशु दत्त द्विवेदी अचानक अनशन स्थल पर पहुंचे। एमएलसी के आगमन की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए और पूरे गांव में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई। धरना स्थल पर पहुंचते ही एमएलसी प्रांशु दत्त द्विवेदी सीधे अनशन पर बैठे श्याम बिहारी अवस्थी के पास पहुंचे और उनका हालचाल जाना। इसके बाद दोनों के बीच बंद कमरे में काफी देर तक गंभीर मंत्रणा चली। बताया जा रहा है कि श्याम बिहारी अवस्थी ने गांव में कथित भ्रष्टाचार, पात्र लोगों को योजनाओं से वंचित किए जाने, प्रार्थना पत्रों पर कार्रवाई न होने, परिवार रजिस्टर, जॉब कार्ड समेत कई प्रशासनिक मामलों में अनियमितताओं की शिकाय विस्तार से रखी। श्याम बिहारी अवस्थी, जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यकर्ता भी बताए जाते हैं, काफी समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उनका आरोप है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, जिसके चलते उन्हें अनशन का रास्ता अपनाना पड़ा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एमएलसी प्रांशु दत्त द्विवेदी ने मौके से ही जिला अधिकारी अंकुर राठौर को फोन मिलाया और पूरे प्रकरण की विस्तृत जानकारी दी। सूत्रों के अनुसार एमएलसी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पीड़ित की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी स्तर पर भ्रष्टाचार या लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
एमएलसी ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि भाजपा सरकार में किसी भी कार्यकर्ता, गरीब या पीड़ित के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो मामले को शासन स्तर तक उठाया जाएगा।एमएलसी के दौरे के बाद प्रशासनिक अमले में भी हलचल तेज हो गई है। ग्रामीणों के बीच यह चर्चा बनी रही कि अब मामला केवल गांव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सत्ता और संगठन दोनों स्तरों तक पहुंच चुका है।धरना स्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने भी अपनी समस्याएं एमएलसी के सामने रखीं और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। कई ग्रामीणों का कहना था कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।गौरतलब है कि श्याम बिहारी अवस्थी पिछले कई दिनों से लगातार धरने पर बैठे हैं। इससे पहले भी सीडीओ विनोद कुमार गौड़, एसडीएम रविंद्र सिंह, बीडीओ सुनील कुमार जायसवाल सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचकर वार्ता कर चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
एमएलसी प्रांशु दत्त द्विवेदी के हस्तक्षेप के बाद अब पूरे मामले पर जिले भर की नजरें टिक गई हैं और ग्रामीणों को न्याय मिलने की उम्मीद और मजबूत होती दिखाई दे रही है।


