39.4 C
Lucknow
Tuesday, June 16, 2026

594 किमी लंबा गंगा एक्सप्रेसवे तैयार, चार पैकेज में पूरा हुआ देश का सबसे बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट

Must read

 

लखनऊ। प्रदेश के बुनियादी ढांचे को नई ऊंचाई देने वाली महत्वाकांक्षी गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। करीब 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश को समर्पित किया जाएगा। लगभग 37 हजार करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह परियोजना देश के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल मानी जा रही है।
इस परियोजना को उत्तर प्रदेश एक्सप्रेशवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) की देखरेख में चार प्रमुख पैकेज में विभाजित कर तेजी से पूरा किया गया। ‘मल्टी-पैकेज मॉडल’ के तहत अलग-अलग एजेंसियों और ईपीसी कॉन्ट्रैक्टर्स को समानांतर रूप से काम दिया गया, जिससे निर्माण कार्य में उल्लेखनीय तेजी आई और तय समयसीमा में प्रोजेक्ट को अंतिम रूप दिया जा सका।
पहले पैकेज की लंबाई 129.70 किमी है, जिसकी लागत 9 हजार करोड़ रुपये से अधिक रही। दूसरे पैकेज (151.70 किमी) और तीसरे पैकेज (155.70 किमी) की लागत भी लगभग 9-9 हजार करोड़ रुपये के आसपास रही, जबकि चौथा और सबसे लंबा पैकेज 156.847 किमी का है, जिस पर करीब 9.5 हजार करोड़ रुपये खर्च किए गए। इस परियोजना में Adani Enterprises ने भी अहम भूमिका निभाई है, जिसने बदायूं से प्रयागराज तक करीब 464 किलोमीटर हिस्से का निर्माण किया।
गंगा एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि एक आर्थिक कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके साथ इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स क्लस्टर विकसित किए जाएंगे, जिससे प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा। यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश को सीधे जोड़ते हुए यात्रा समय को काफी कम करेगा और माल ढुलाई की लागत में भी कमी लाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना के शुरू होने से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख औद्योगिक हब के रूप में तेजी से उभरेगा।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article