लखनऊ। वरिष्ठ मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सोमवार को एक अलग अंदाज में कार्यालय पहुंचकर पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत का संदेश दिया। मंत्री सुरेश खन्ना अपने सरकारी वाहन के बजाय ई-रिक्शा से कार्यालय पहुंचे, जिसे लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई।
कार्यालय पहुंचने के बाद मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और ईंधन की खपत को देखते हुए सभी लोगों को न्यूनतम ईंधन खर्च करने वाले साधनों के उपयोग को बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों और ई-रिक्शा जैसे साधन न केवल पर्यावरण के लिए बेहतर हैं, बल्कि भविष्य की आवश्यकता भी हैं।
मंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण आज पूरी दुनिया के सामने बड़ी चुनौती बन चुके हैं। ऐसे में प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह अपने स्तर पर पर्यावरण संरक्षण के लिए योगदान दे। यदि छोटी-छोटी पहलें भी व्यापक स्तर पर अपनाई जाएं तो बड़े सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं।
सुरेश खन्ना के ई-रिक्शा से दफ्तर पहुंचने को पर्यावरण जागरूकता से जोड़कर देखा जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि जहां संभव हो, सार्वजनिक परिवहन और कम ईंधन खपत वाले वाहनों का उपयोग करें, जिससे प्रदूषण कम करने में मदद मिल सके।
गौरतलब है कि केंद्र और राज्य सरकारें लगातार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही हैं। ऐसे में एक वरिष्ठ मंत्री द्वारा ई-रिक्शा का उपयोग कर जनता को संदेश देना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रतीकात्मक लेकिन महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।


