बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के टोल अनुबंध में अनियमितता, 100 रुपये के स्टांप पर हुआ 333.65 करोड़ का एग्रीमेंट
बांदा। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे से जुड़े टोल संचालन अनुबंध में करोड़ों रुपये की स्टांप चोरी का मामला सामने आया है। निबंधन विभाग की जांच में 13.34 करोड़ रुपये के स्टांप शुल्क की कथित चोरी पकड़ी गई है। मामले में संबंधित पक्षों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है और विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, 333.65 करोड़ रुपये के टोल संचालन अनुबंध पर नियमानुसार 13.34 करोड़ रुपये का स्टांप शुल्क देय था। आरोप है कि इसके विपरीत पूरे अनुबंध को केवल 100 रुपये के स्टांप पेपर पर निष्पादित कर दिया गया, जिससे सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ।
यह अनुबंध यूपीडा और मेसर्स दातार के बीच हुआ था। जांच में अनियमितता सामने आने के बाद निबंधन विभाग ने स्टांप चोरी का मामला दर्ज कराया है। साथ ही एआईजी निबंधन की अदालत में स्टांप चोरी का वाद भी दायर किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, नियमानुसार देय स्टांप शुल्क की वसूली मेसर्स दातार से की जाएगी। इसके अलावा पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि नियमों की अनदेखी कैसे हुई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।
निबंधन विभाग का कहना है कि सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ आगे भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


