फर्रुखाबाद। समाजवादी पार्टी (सपा) के भीतर एक बार फिर अंदरूनी कलह खुलकर सामने आई है। पार्टी की विचारधारा को अपने जीवन में आत्मसात करने वाले और हर संघर्ष में अग्रिम पंक्ति में खड़े रहने का दावा करने वाले गौरव यादव आजाद ने जिला महासचिव पद से हटाए जाने के बाद मीडिया के सामने अपनी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने प्रेस नोट जारी कर पार्टी के कुछ नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
गौरव यादव आजाद ने कहा कि जिस पार्टी को उन्होंने अपना घर समझा, उसी पार्टी में कुछ तथाकथित लोगों के इशारे पर मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के जिलाध्यक्ष इज़हार ख़ान द्वारा उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के पद से हटा दिया गया, जो कि पार्टी के संविधान के विरुद्ध है। उन्होंने इसे अनुचित और असंवैधानिक करार दिया।
उन्होंने अपने राजनीतिक संघर्ष को याद करते हुए कहा कि उनका समर्पण किसी पद का मोहताज नहीं है। वर्ष 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान उन्होंने निडर होकर तत्कालीन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभा में काले झंडे दिखाए थे और उनके रोड शो का विरोध किया था। इस दौरान उन्होंने पुलिस की सख्ती और गिरफ्तारी का सामना किया, लेकिन उनका हौसला कभी कमजोर नहीं पड़ा।
गौरव यादव आजाद ने आगे बताया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भी उन्होंने समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉ. नवल किशोर शाक्य की जीत के लिए संघर्ष किया। मतगणना के दौरान हुई झड़प में उनका हाथ तक टूट गया, लेकिन उन्होंने पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा नहीं छोड़ी। चुनाव से पहले पुलिस दबिश और मुकदमों का सामना करने के बावजूद उन्होंने कभी शिकायत नहीं की।
उन्होंने आरोप लगाया कि इतने संघर्ष और समर्पण के बावजूद उन्हें पद से हटाया जाना इस बात का संकेत है कि फर्रुखाबाद में पार्टी को निष्ठावान और संघर्षशील कार्यकर्ताओं की जरूरत नहीं रह गई है।
गौरव यादव आजाद ने पार्टी नेतृत्व से मांग की कि जिले के वर्तमान अध्यक्ष चन्द्रपाल सिंह यादव को तत्काल पद से हटाया जाए, ताकि कार्यकर्ताओं का मनोबल बना रहे और पार्टी मजबूत हो सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते संगठनात्मक सुधार नहीं किए गए, तो आगामी विधानसभा चुनाव में सपा को जिले की सभी सीटों पर हार का सामना करना पड़ सकता है।


