– डीएम डॉ अंकुर लाठर के हुक्म पर एक्टिव जिम्मेदार
फर्रुखाबाद। मानसून की दस्तक से पहले जिले में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन ने नालों की सफाई अभियान में तेजी ला दी है। जिला प्रशासन के अनुसार जनपद के सभी नगर निकायों में स्थित कुल 102 नालों में से अब तक 65 नालों की सफाई पूरी कर ली गई है, जबकि 37 नालों पर कार्य जारी है। प्रशासन का दावा है कि शेष नालों की सफाई 15 जून और 20 जून तक निर्धारित समयसीमा में पूरी कर ली जाएगी।
जिलाधिकारी के निर्देश पर नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों में विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। अधिशासी अधिकारियों को प्रमुख और सहायक नालों की नियमित निगरानी, गुणवत्ता युक्त सफाई तथा समयबद्ध कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं ताकि बरसात के दौरान शहर और कस्बों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो।
प्रशासनिक समीक्षा में सामने आया कि नगर पालिका परिषद फर्रुखाबाद क्षेत्र में कुल 16 नालों में से केवल 5 की सफाई पूरी हुई है, जबकि 11 नालों पर अभी काम चल रहा है। नगर पालिका परिषद कायमगंज में 15 में से 5 नालों की सफाई पूरी हो चुकी है और शेष 10 नालों को 15 जून तक साफ करने का लक्ष्य रखा गया है।
वहीं नगर पंचायत शमशाबाद, संकिसा-बसंतपुर, मोहम्मदाबाद और कम्पिल ने अपने सभी नालों की सफाई पूरी कर लेने का दावा किया है। नगर पंचायत नवाबगंज में 16 में से 12 नाले साफ हो चुके हैं, जबकि 4 नालों का कार्य शेष है। कमालगंज में 7 में से 3 तथा खिमसेपुर में 17 में से 10 नालों की सफाई पूरी की जा चुकी है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नालों से निकाली गई सिल्ट, प्लास्टिक और अन्य कचरे का तत्काल निस्तारण किया जाए, जिससे दोबारा अवरोध पैदा न हो। साथ ही जलभराव प्रभावित क्षेत्रों की विशेष निगरानी कर अतिरिक्त सफाई कर्मियों और संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
प्रशासन का मानना है कि नालों की समय पर सफाई से न केवल बारिश का पानी तेजी से निकलेगा बल्कि मच्छरों के प्रजनन पर भी नियंत्रण होगा। इससे डेंगू, मलेरिया और अन्य जलजनित रोगों के खतरे को कम करने में मदद मिलेगी।
हालांकि हर वर्ष मानसून से पहले नाला सफाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही तेज बारिश में कई इलाकों में जलभराव की तस्वीरें सामने आ जाती हैं। ऐसे में इस बार प्रशासन की तैयारियां जमीन पर कितनी प्रभावी साबित होती हैं, यह आने वाली बारिश तय करेगी।


