लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बीजेपी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता संघर्ष और पसीने से कभी घबराते नहीं हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी के लोग संघर्ष से घबराते हैं, इसलिए जगह-जगह बैरिकेडिंग लगाई जा रही है।
अखिलेश यादव ने कहा, “समाजवादी पार्टी के लोग संघर्ष और पसीने से कभी घबराते नहीं हैं, बीजेपी के लोग घबराते हैं, इसीलिए बैरिकेडिंग लगाई हुई है।” उनके इस बयान को लेकर सपा और बीजेपी के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के संकेत हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी का राजनीतिक इतिहास आंदोलनों और संघर्षों से जुड़ा रहा है। पार्टी के कार्यकर्ता जनहित के मुद्दों को लेकर सड़क पर उतरने से पीछे नहीं हटते। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने और सरकार से सवाल पूछने का अधिकार हर राजनीतिक दल और नागरिक को है।
सपा अध्यक्ष ने बैरिकेडिंग को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाया। उनका कहना था कि यदि किसी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता अपनी मांगों और मुद्दों को लेकर प्रदर्शन करना चाहते हैं तो उन्हें रोकने के लिए इस तरह की व्यवस्था करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता किसी भी तरह के दबाव से पीछे हटने वाले नहीं हैं।
अखिलेश यादव के बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी जहां अपने कार्यकर्ताओं के संघर्ष को पार्टी की राजनीतिक पहचान से जोड़ रही है, वहीं बीजेपी और सत्तापक्ष की ओर से कानून-व्यवस्था तथा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अलग-अलग तर्क दिए जाते रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश की राजनीति में सड़क पर होने वाले विरोध-प्रदर्शन लंबे समय से राजनीतिक दलों के लिए जनसमर्थन दिखाने का एक माध्यम रहे हैं। ऐसे में बैरिकेडिंग और प्रदर्शन को लेकर नेताओं के बयान राजनीतिक माहौल को और गर्म कर सकते हैं।


