लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी में एक बार फिर बड़ा संगठनात्मक बदलाव हुआ है। बसपा प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को दोबारा पार्टी में शामिल करते हुए राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी सौंप दी है। यह फैसला आकाश आनंद के पार्टी से अलग किए जाने के करीब एक महीने बाद हुआ है।
मायावती ने 5 अक्टूबर को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि काफी विचार-विमर्श के बाद पार्टी और बहुजन आंदोलन के हित में आकाश आनंद को दोबारा काम करने का अवसर देने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के अधिकांश लोगों की राय थी कि आकाश के अनुरोध को स्वीकार करते हुए उन्हें फिर से जिम्मेदारी दी जानी चाहिए।
आकाश आनंद की वापसी के बाद मायावती ने 6 अक्टूबर को पूरे घटनाक्रम पर विस्तार से सफाई दी। उन्होंने कहा कि आकाश आनंद का पार्टी में व्यक्तित्व और कार्यशैली पहले काफी हद तक ठीक थी, लेकिन शादी के बाद उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ के प्रभाव के कारण कुछ ऐसी परिस्थितियां बनीं, जिनसे संगठन में दिक्कतें पैदा हुईं।
मायावती ने कहा कि अशोक सिद्धार्थ अब राजनीति से संन्यास ले चुके हैं। ऐसे में आकाश आनंद को पार्टी से अलग रखने की आवश्यकता नहीं रह गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब पार्टी संगठन सुचारु रूप से चलेगा और ऐसी स्थिति दोबारा नहीं आएगी, जिसमें आकाश को पार्टी से अलग करने की जरूरत पड़े।
आकाश आनंद ने वापसी से पहले मायावती से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी। उन्होंने मायावती को अपनी राजनीतिक गुरु और प्रेरणा बताते हुए कहा था कि बसपा उनके लिए केवल राजनीतिक पार्टी नहीं, बल्कि परिवार है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि वह किसी दूसरी राजनीतिक पार्टी में नहीं जा रहे हैं।
आकाश ने अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से बाहर करने के मायावती के फैसले को भी उचित बताया था। उन्होंने कहा था कि व्यक्तिगत रिश्तों से ऊपर पार्टी और बहुजन आंदोलन का हित है। साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया से दूरी के कारण मायावती के एक पोस्ट को रीपोस्ट नहीं करने की स्थिति पर भी सफाई दी और इसके लिए माफी मांगी थी।
आकाश आनंद को लेकर बसपा में पिछले कुछ वर्षों में कई बार संगठनात्मक बदलाव हुए हैं। मई 2024 और मार्च 2025 में भी उन्हें पार्टी से अलग किए जाने के बाद दोबारा जिम्मेदारी दी गई थी। सितंबर 2026 में उन्हें फिर पार्टी से पूरी तरह अलग किया गया था। अब अक्टूबर में उनकी वापसी हुई है। अलग-अलग रिपोर्टों में इस क्रम को उनके तीसरे पुनर्स्थापन और कुल मिलाकर कई बार पार्टी में वापसी के रूप में गिना गया है।
मायावती ने अब संकेत दिया है कि आकाश आनंद को लेकर संगठन में बार-बार बदलाव की स्थिति नहीं आएगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि आगे बहुत कुछ आकाश आनंद के आचरण और कार्यशैली पर निर्भर करेगा।


