नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लेकर मंगलवार को इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने संसद से निर्वाचन आयोग कार्यालय की ओर मार्च किया। पुलिस ने मार्च को बीच में रोक दिया और कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया।
प्रदर्शन के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का नाम लेते हुए गंभीर आरोप लगाए। राहुल गांधी ने दावा किया कि चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी के जरिए लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया गया है।
राहुल गांधी ने कहा, “मैं सोच समझकर कहता हूं… इनमें से एक भी बचकर नहीं जाएगा… चाहे वो नरेंद्र मोदी हों, अमित शाह हों, ज्ञानेश कुमार हों, मोहन भागवत हों… कोई बचकर नहीं जाएगा… इन्होंने जो किया है वो देशद्रोह है।”
एक अन्य बयान में राहुल गांधी ने कहा, “मेरे भारत के साथ जो किया गया है, वो देशद्रोह है। चाहे वो नरेंद्र मोदी हों, अमित शाह हों, ज्ञानेश कुमार हों या मोहन भागवत हों,कोई बचकर नहीं भाग पाएगा।”
विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे तथा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर सवाल उठा रहे हैं और मामले में जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। वहीं, निर्वाचन आयोग की ओर से मतदाता सूची के पुनरीक्षण को मतदाता सूची को दुरुस्त करने और पात्र मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा से जुड़ी प्रक्रिया बताया गया है।
राहुल गांधी के इन बयानों के बाद राजनीतिक हलकों में बयानबाजी तेज होने के आसार हैं। हालांकि, राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों को उनके राजनीतिक दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए; इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में नहीं की गई है।


