चकमार्ग की पैमाइश न होने से परेशान पीड़ित ने जिलाधिकारी से लगाई गुहार, दबंगों पर कब्जे का आरोप
अमृतपुर, फर्रुखाबाद। थाना क्षेत्र के मुजहा गांव निवासी धर्मेंद्र ने जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर को शिकायती पत्र देकर चकमार्ग की पैमाइश कराए जाने, कथित कब्जा हटवाने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पीड़ित ने क्षेत्रीय लेखपाल पर मौके की वास्तविक स्थिति की जांच किए बिना अधिकारियों को रिपोर्ट भेजने का आरोप लगाया है।
धर्मेंद्र के अनुसार उसके खेत के पूर्व दिशा में स्थित चकमार्ग पर राहुल, अनूप पाल, पूर्व प्रधान सहित कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से कब्जा किया गया है। पीड़ित का कहना है कि चकमार्ग की पैमाइश कराने और कब्जा हटवाने के लिए वह कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत कर चुका है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि संबंधित लेखपाल द्वारा अधिकारियों को भेजी गई रिपोर्ट में खेतों में पानी भरा होने की बात कही गई है, जबकि मौके पर वर्तमान में खेतों में पानी नहीं है और किसान खेतों की जुताई कर रहे हैं। धर्मेंद्र का कहना है कि रिपोर्ट और मौके की वास्तविक स्थिति में अंतर होने के कारण उच्चाधिकारियों के सामने भी सही तस्वीर नहीं पहुंच पा रही है।
धर्मेंद्र ने बताया कि उसके खेत के पूर्व दिशा में स्थित चकमार्ग की करीब दो वर्ष पूर्व पैमाइश भी कराई जा चुकी है। इसके बावजूद कथित कब्जा हटाने की कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित का आरोप है कि वह पिछले कई महीनों से अपनी समस्या के समाधान के लिए एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय के चक्कर लगा रहा है।
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि गलत रिपोर्ट के कारण जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी और अपर जिलाधिकारी स्तर के अधिकारियों के समक्ष भी मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। धर्मेंद्र का कहना है कि यदि मौके पर राजस्व अधिकारियों की टीम भेजकर दोबारा जांच और पैमाइश कराई जाए तो चकमार्ग की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
धर्मेंद्र ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे मामले की मौके पर निष्पक्ष जांच कराकर चकमार्ग की पैमाइश कराई जाए, यदि कब्जा पाया जाता है तो उसे हटवाया जाए तथा गलत रिपोर्ट लगाए जाने के आरोप की भी जांच कराई जाए।
पीड़ित का कहना है कि शासन और प्रशासन की ओर से आम लोगों को त्वरित न्याय दिलाने के निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्रवाई न होने के कारण उसे लंबे समय से परेशानी उठानी पड़ रही है। धर्मेंद्र ने जिलाधिकारी से मामले में हस्तक्षेप कर शीघ्र न्याय दिलाने की मांग की है।


