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Sunday, June 28, 2026

स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज (एसएमएस), लखनऊ द्वारा “ग्रह ऊर्जा, पर्यावरण एवं आपदा विज्ञान के स्रोत (स्पीड्स-2026)

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लखनऊ। स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज (एसएमएस), लखनऊ द्वारा “ग्रह ऊर्जा, पर्यावरण एवं आपदा विज्ञान के स्रोत (स्पीड्स-2026): पर्वतीय पारिस्थितिकी तंत्र एवं मानव अस्तित्व” विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का रविवार को गरिमामय समापन हुआ। सम्मेलन का आयोजन द इंस्टिट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), लखनऊ तथा डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय, लखनऊ के सहयोग से किया गया।

समापन समारोह का शुभारंभ एसएमएस के निदेशक डॉ. आशीष भटनागर एवं आई.ई.आई. उत्तर प्रदेश स्टेट सेंटर के अध्यक्ष इ. विजय प्रताप सिंह के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने कहा कि सम्मेलन के दौरान देशभर से आए विशेषज्ञों, शिक्षाविदों एवं शोधकर्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा सुरक्षा, जैव विविधता, जल संरक्षण और आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया। अब इन सुझावों को व्यावहारिक कार्ययोजना में बदलने की आवश्यकता है, जिससे सतत विकास की दिशा में ठोस परिणाम प्राप्त किए जा सकें।

मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सलाहकार डॉ. हरिकेश बहादुर सिंह ने कहा कि वर्तमान पर्यावरणीय चुनौतियों का समाधान वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और जनसहभागिता के समन्वित प्रयासों से ही संभव है। उन्होंने युवाओं और शोधकर्ताओं से पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शोध को बढ़ावा देने का आह्वान किया।

विशिष्ट अतिथि एवं सेंटर फॉर सस्टेनेबल एग्रीकल्चर एंड एनवायरनमेंट के मानद निदेशक डॉ. राणा प्रताप सिंह ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की चुनौतियों से निपटने के लिए सतत कृषि, पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों और शोध आधारित नवाचारों को प्राथमिकता देना समय की आवश्यकता है।

सम्मेलन के सह-अध्यक्ष एवं एसएमएस लखनऊ के महानिदेशक (तकनीकी) श्री भरत राज सिंह ने बताया कि स्पीड्स-2026 के लिए देशभर से 110 शोध-पत्र प्राप्त हुए थे, जिनमें विशेषज्ञों द्वारा गहन समीक्षा के बाद 81 शोध-पत्र प्रस्तुतीकरण एवं प्रकाशन के लिए चयनित किए गए। उन्होंने कहा कि सम्मेलन के तकनीकी सत्रों से प्राप्त महत्वपूर्ण सुझावों को शासन एवं नीति-निर्माण संस्थाओं तक भेजा जाएगा, ताकि पर्यावरण संरक्षण, जल संसाधन प्रबंधन, ऊर्जा सुरक्षा, पर्वतीय पारिस्थितिकी और सतत विकास से जुड़ी नीतियों को और प्रभावी बनाया जा सके।

एसएमएस लखनऊ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं सचिव श्री शरद सिंह ने कहा कि संस्थान पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास तथा गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए निरंतर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन, संगोष्ठियों और सेमिनारों का आयोजन करता रहेगा।

समापन समारोह में आई.ई.आई. उत्तर प्रदेश स्टेट सेंटर के मानद सचिव इ. नरेन्द्र कुमार निषाद ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, प्रतिभागियों तथा आयोजन समिति के सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर डॉ. जगदीश सिंह, डॉ. पी.के. सिंह, डॉ. अरुणेश कुमार, डॉ. आशा कुलश्रेष्ठ, डॉ. पुष्पांजलि, रजिस्ट्रार तथा मुख्य महाप्रबंधक श्री सुरेन्द्र श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में विभागाध्यक्ष, शिक्षाविद्, शोधार्थी, उद्योग प्रतिनिधि, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
प्रतिभागियों ने स्पीड्स-2026 को पर्यावरण, ऊर्जा, पर्वतीय पारिस्थितिकी, जैव विविधता संरक्षण, जल सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन जैसे समसामयिक विषयों पर सार्थक राष्ट्रीय विमर्श का प्रभावी मंच बताते हुए इसके सफल आयोजन की सराहना की।

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