नवाबगंज: नगला जब्ब में चकबंदी के दौरान कानूनगो और लेखपालों के साथ हुई मारपीट की घटना के दूसरे दिन गांव में माहौल पूरी तरह शांत नजर आया। शुक्रवार को गांव पहुंचकर जब हालात का जायजा लिया गया तो गलियों में सन्नाटा पसरा था। चकबंदी से जुड़ी राजस्व टीम का कोई कर्मचारी गांव में नजर नहीं आया। ग्रामीण जगह-जगह बैठकर गुरुवार को हुई घटना को लेकर आपस में चर्चा करते दिखाई दिए।
गुरुवार को चकबंदी की कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों और राजस्व कर्मचारियों के बीच विवाद हो गया था। विवाद बढ़ने पर कानूनगो और लेखपालों के साथ मारपीट किए जाने की बात सामने आई थी। इसी दौरान राजस्व टीम के कर्मचारी भागकर नगला जब्ब निवासी सुरेंद्र सिंह यादव के घर में घुस गए थे।
शुक्रवार को सुरेंद्र सिंह ने घटना के बारे में बताया कि गुरुवार को लेखपाल भागते हुए उनके घर की तरफ आए। सुरेंद्र सिंह के अनुसार, लेखपाल का पीछा करते हुए कुछ महिला और पुरुष भी उनके घर तक पहुंच गए। उन्होंने घर में हंगामा किया और तोड़फोड़ शुरू कर दी।
सुरेंद्र सिंह का आरोप है कि भीड़ ने घर में रखी कुर्सी, टेबल और पंखे पर लाठियों से वार कर उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया। उनका कहना है कि घटना के दौरान लेखपाल करीब एक घंटे तक उनके घर के अंदर ही रहे। बाद में पुलिस बल के मौके पर पहुंचने के बाद लेखपाल को सुरक्षित घर से बाहर निकाला गया।
सुरेंद्र सिंह के मुताबिक, लेखपाल को घेरने के लिए बड़ी संख्या में महिला और पुरुष मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने भीड़ की संख्या करीब 100 से 150 से अधिक होने का दावा किया। घटना के समय राजस्व विभाग की टीम में दो कानूनगो और तीन लेखपाल मौजूद थे।
घटना के बाद शुक्रवार को गांव में चकबंदी की कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों के बीच दिनभर गुरुवार की घटना को लेकर चर्चा होती रही। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।


