लखनऊ
प्रदेश के माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग में उच्च पदों पर अधिकारियों की कमी अब गंभीर रूप लेती जा रही है। समूह ‘क’ श्रेणी के करीब 150 पद खाली होने के कारण विभागीय कार्य प्रभावित हो रहा है। इसी स्थिति को देखते हुए शासन ने इन पदों को भरने के लिए पदोन्नति प्रक्रिया शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं और संबंधित अधिकारियों से प्रस्ताव मांगा गया है।
विभागीय जानकारी के अनुसार, शिक्षा निदेशक स्तर से लेकर जिला स्तर तक बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं। निदेशक के चार स्वीकृत पदों में से केवल एक पर ही नियमित अधिकारी तैनात हैं, जबकि बाकी पदों पर प्रभारी व्यवस्था के जरिए काम चलाया जा रहा है। यही स्थिति अन्य उच्च पदों पर भी बनी हुई है, जिससे प्रशासनिक कार्यों में बाधा उत्पन्न हो रही है।
अपर शिक्षा निदेशक के पदों पर भी पर्याप्त संख्या में अधिकारी उपलब्ध नहीं हैं। कई पद खाली होने के कारण पदोन्नति के लिए आवश्यक अनुभव पूरा करने वाले अधिकारियों की संख्या सीमित है। यही वजह है कि समय पर पदोन्नति नहीं हो पा रही और विभाग को अस्थायी व्यवस्थाओं पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
संयुक्त शिक्षा निदेशक, उप शिक्षा निदेशक और जिला विद्यालय निरीक्षक स्तर पर भी बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं। इन पदों पर प्रभारी अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन स्थायी नियुक्ति न होने से कार्य की गति प्रभावित हो रही है। अब शासन इन सभी रिक्त पदों को पदोन्नति के जरिए भरने की योजना पर तेजी से काम कर रहा है।
इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा के संयुक्त सचिव द्वारा शिक्षा निदेशक से विस्तृत प्रस्ताव मांगा गया है। संभावना है कि नए शैक्षिक सत्र 2026-27 में बड़ी संख्या में नियमित अधिकारियों की तैनाती की जाएगी, जिससे विभागीय कार्यों में सुधार आएगा और प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी।
वहीं विभाग के एकमात्र नियमित शिक्षा निदेशक भी मई माह में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। ऐसे में जुलाई तक पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी कर नए अधिकारियों की नियुक्ति करने की तैयारी है। इसके लिए विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक आयोजित किए जाने की योजना बनाई जा रही है, जिससे लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरा जा सके।


