उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक समेत कई मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों को आमंत्रण, संत-महात्माओं का भी होगा समागम
रामनगर। रामनगर में 27 अक्टूबर से 4 नवंबर तक आयोजित होने वाली श्रीराम कथा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। पुरानी तहसील परिसर में अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक अतुल कृष्ण भारद्वाज जी महाराज के मुखारविंद से श्रद्धालु श्रीराम कथा का श्रवण करेंगे। आयोजकों को इस धार्मिक आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। कथा में बड़ी संख्या में संत-महात्माओं के शामिल होने की भी संभावना है।
आयोजन को भव्य स्वरूप देने के लिए कार्यकर्ता व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं के बैठने, आवागमन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है, जिससे लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। आयोजकों का प्रयास है कि कथा के दौरान श्रद्धालुओं को व्यवस्थित माहौल में भगवान श्रीराम की लीलाओं और आदर्शों को सुनने का अवसर मिले।
उपमुख्यमंत्री समेत कई नेताओं को आमंत्रण
श्रीराम कथा में शामिल होने के लिए प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, मंत्री दयाशंकर सिंह और सतीश शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। पूर्व मंत्री अरविंद सिंह गोप, विधायक फरीद महफूज किदवई और पूर्व विधायक शरद अवस्थी को भी निमंत्रण भेजा गया है। आयोजकों की ओर से विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और संत-महात्माओं को आमंत्रित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी आमंत्रण भेजने की तैयारी है।
मुख्य कार्यकर्ता अखिल पांडेय अपने सहयोगियों के साथ आयोजन की तैयारियों में जुटे हैं। वह लगातार क्षेत्र में संपर्क कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए बैठने और आवागमन की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
भगवान श्रीराम के आदर्शों का दिया जाएगा संदेश
आयोजकों के अनुसार, श्रीराम कथा के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा, त्याग, सेवा और धर्म के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। कथा का समापन 4 नवंबर को होगा।
रामनगर में पहली बार इतने बड़े स्तर पर आयोजित होने जा रहे इस धार्मिक कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र के श्रद्धालुओं में उत्साह है। आयोजन से जुड़े लोग इसे सफल बनाने के लिए तैयारियों में जुटे हैं।


