हमीरपुर
कुरारा विकास खंड स्थित बेरी ग्राम पंचायत में नौ दिवसीय शतचंडी महायज्ञ का शुभारंभ बुधवार को भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। इस धार्मिक आयोजन में सैकड़ों महिलाओं और बालिकाओं ने सिर पर कलश धारण कर पूरे गांव का भ्रमण किया, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब गया।
यज्ञाचार्य सुमित सरकार जी महाराज और अन्य आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से कलश स्थापना कराई। अवध धाम से आए आचार्यों ने भी पूजा-अर्चना संपन्न कराई। महिलाएं मंगल गीत गाते हुए डीजे और बैंड बाजे की धुन पर बेतवा नदी से जल भरकर मां आदिभवानी मंदिर पहुंचीं, जहां कलश स्थापित किए गए।
पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने “ॐ नमः शिवाय” और “हर हर महादेव” के जयघोष के साथ अपनी आस्था प्रकट की। यज्ञाचार्य ने कलश धारण के धार्मिक महत्व को बताते हुए कहा कि इससे पूर्व जन्म के दुष्कर्मों का नाश होता है और व्यक्ति को दैहिक, दैविक और भौतिक कष्टों से मुक्ति मिलती है।
कलश यात्रा के दौरान बैंड-बाजे और डीजे की धुन पर घोड़ों के नृत्य ने आयोजन में अलग ही उत्साह भर दिया। गांव के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पूरे आयोजन को भव्य रूप दिया।
कार्यक्रम के अध्यक्ष संदीप कुमार ने बताया कि 14 तारीख को 21 कन्याओं का वैदिक रीति-रिवाज से विवाह कराया जाएगा, जिसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा।
इस धार्मिक आयोजन में हजारों की संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। आयोजन की सफलता में पूरे गांव के लोगों का सहयोग देखने को मिला, जिससे यह कार्यक्रम सामाजिक और धार्मिक एकता का प्रतीक बन गया।


