कासगंज
जनपद इन दिनों भीषण गर्मी और लू की चपेट में है, जहां तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। अप्रैल माह में ही मई जैसी तपिश महसूस होने लगी है, जिससे दोपहर के समय सड़कों और बाजारों में सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है। तेज धूप और गर्म हवाओं के झोंकों ने लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल कर दिया है।
पिछले कई दिनों से लगातार बढ़ते तापमान और लू के प्रकोप के चलते लोग खासे परेशान हैं। दोपहर होते-होते सूरज के तेवर इतने तीखे हो जाते हैं कि आमजन घरों में रहने को मजबूर हो जाते हैं। बाजारों में ग्राहकों की कमी से व्यापारी भी चिंतित नजर आ रहे हैं। लोग गर्मी से बचने के लिए सिर और शरीर को कपड़ों से ढककर तथा छाता और गमछे का सहारा लेकर ही बाहर निकल रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस स्थिति को गंभीर बताते हुए हीट स्ट्रोक के बढ़ते खतरे को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. संजीव सक्सेना के अनुसार तेज धूप और लू के संपर्क में आने से शरीर पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि हीट स्ट्रोक के लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, उल्टी, बेहोशी, अत्यधिक पसीना, घबराहट और आंखों में जलन शामिल हैं। ऐसे में जरूरी है कि लोग दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें और शरीर को हाइड्रेट रखें।
डॉक्टरों ने सलाह दी है कि यदि बहुत जरूरी हो तभी घर से बाहर निकलें और अपने साथ पानी की बोतल अवश्य रखें। ओआरएस घोल, नींबू पानी, लस्सी और मौसमी फलों जैसे तरबूज, खरबूज, खीरा और ककड़ी का सेवन करने की भी सलाह दी गई है। साथ ही आंखों को धूप से बचाने के लिए चश्मे का उपयोग करने और समय-समय पर ठंडे पानी से चेहरा धोने की बात कही गई है।
वहीं, भीषण गर्मी को देखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूलों के समय में बदलाव कर दिया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने जानकारी दी कि परिषदीय विद्यालय अब सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक संचालित होंगे, जबकि विद्यार्थियों की उपस्थिति सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक रहेगी। प्रार्थना सभा और योगाभ्यास सुबह 7:30 से 7:40 बजे तक तथा मध्यावकाश सुबह 10 से 10:15 बजे तक निर्धारित किया गया है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे गर्मी और लू से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां अपनाएं और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें। लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर होने की संभावना जताई जा रही है।


