एटा। जनपद में गर्मी ने अप्रैल के मध्य में ही अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे पूरे दिन लोग झुलसाने वाली गर्मी और लू के थपेड़ों से बेहाल रहे। सुबह से ही चली तेज गर्म हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया और दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आया। लोग आवश्यक कार्यों को छोड़कर घरों में ही रहने को मजबूर दिखे।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में गर्मी और अधिक बढ़ने की संभावना है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले एक सप्ताह के भीतर तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है। बृहस्पतिवार को भी तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जिससे स्पष्ट है कि लगातार तापमान में वृद्धि हो रही है। हल्के बादलों के बावजूद गर्मी से किसी प्रकार की राहत नहीं मिल रही है।
भीषण गर्मी का असर किसानों और फसलों पर भी पड़ने लगा है। गेहूं की कटाई अंतिम चरण में है, ऐसे में मौसम के इस बदले मिजाज से किसान चिंतित हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि तेज तापमान के कारण मूंग और उड़द जैसी फसलों को नुकसान हो सकता है, वहीं खीरा सहित बेल वाली सब्जियों की फसल मुरझाने लगी है। इसके साथ ही कीटों का प्रकोप बढ़ने की भी आशंका जताई गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने भी गर्मी को लेकर अलर्ट जारी किया है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि तापमान 40 डिग्री पार होने पर डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए विशेषकर बुजुर्गों और बच्चों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। शरीर में पानी की कमी न हो, इसके लिए पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थों का सेवन आवश्यक है।
गर्मी का असर पशुपालन पर भी साफ दिखाई दे रहा है। जिला पशु चिकित्साधिकारी आरपी शर्मा के अनुसार बढ़ते तापमान के कारण दुधारू पशुओं में हीट स्ट्रेस बढ़ रहा है, जिससे दूध उत्पादन में 10 से 15 प्रतिशत तक गिरावट आ सकती है। पशुपालकों को सलाह दी गई है कि वे पशुओं को छायादार स्थान पर रखें और उन्हें समय-समय पर पानी पिलाते रहें।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 18 से 21 अप्रैल के बीच तापमान में और बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी, जिसमें अधिकतम तापमान 42 से 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। तेज रफ्तार से चलने वाली गर्म हवाएं आने वाले दिनों में लू के असर को और अधिक तीव्र करेंगी, जिससे जनजीवन पर व्यापक प्रभाव पड़ने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की है।


