कासगंज
जनपद में विकास कार्यों की प्रगति को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में कासगंज ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए सीएम डैशबोर्ड पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। जिलाधिकारी प्रणय सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की रैंकिंग और कार्यप्रगति का विस्तार से आकलन किया गया।
समीक्षा के दौरान सामने आया कि जिले में संचालित कुल 80 योजनाओं में से 68 योजनाएं ए श्रेणी में शामिल हैं, जो प्रशासनिक कार्यप्रणाली और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है। इसके अलावा 7 योजनाओं को बी श्रेणी, 3 योजनाओं को सी श्रेणी तथा 2 योजनाओं को डी श्रेणी में स्थान मिला है। यह आंकड़े जिले की समग्र प्रगति की सकारात्मक तस्वीर पेश करते हैं, हालांकि कुछ योजनाओं में सुधार की आवश्यकता भी चिन्हित की गई है।
बैठक में जिलाधिकारी ने विशेष रूप से कम रैंक प्राप्त करने वाली योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना में अपेक्षाकृत कम रैंक मिलने पर उपायुक्त उद्योग को नियमित मॉनीटरिंग कर सुधार सुनिश्चित करने को कहा गया। वहीं मुख्यमंत्री आवासीय योजना (ग्रामीण) की प्रगति को लेकर खंड विकास अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।
जल निगम को ‘हर घर जल’ योजना के तहत कार्यों में तेजी और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त एंबुलेंस 102 सेवा, छात्रवृत्ति योजना, पंचम वित्त ग्रामीण और फैमिली आईडी जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं में भी सुधार लाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं।
जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी अधिकारी अपने-अपने विभागीय लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करें। उन्होंने कहा कि नियमित समीक्षा और प्रभावी मॉनीटरिंग के माध्यम से ही जिले की रैंकिंग को और बेहतर बनाया जा सकता है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी वीरेंद्र सिंह, परियोजना निदेशक विकल कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और गति सुनिश्चित करें, ताकि जनपद विकास के नए आयाम स्थापित कर सके।


