– कीचड़ और गंदगी से त्रस्त ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
शमशाबाद, फर्रुखाबाद। स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों को स्वच्छ और खुले में गंदगी से मुक्त बनाने के सरकारी दावों के बीच विकासखंड शमशाबाद के ग्राम ललौर जनार्दन में दो ग्राम पंचायतों के सीमा विवाद ने सफाई व्यवस्था को पूरी तरह ठप कर दिया है। साझा नाली को लेकर चल रहे विवाद का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। गांव की नालियां चोक हैं, सड़कों पर कीचड़ और गंदा पानी भरा हुआ है तथा लगातार हो रही बारिश से हालात और भी बदतर हो गए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार गांव के मंदिर के पास से लेकर पूरे मोहल्ले तक नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं। गंदा पानी सड़कों पर बहने से आवागमन मुश्किल हो गया है। लोगों का कहना है कि हर समय फिसलकर हादसा होने और संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बना रहता है। कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ दिन पहले ग्राम पंचायत समसपुर भिखारी का सफाईकर्मी गांव में सफाई करने पहुंचा था, लेकिन ग्राम पंचायत ललौर राजपूतान के प्रधान रविंद्र सिंह ने यह कहते हुए उसे वापस लौटा दिया कि संबंधित क्षेत्र उनकी ग्राम पंचायत की सीमा में नहीं आता। इसके बाद से सफाई कार्य पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है।
बताया जा रहा है कि दोनों ग्राम पंचायतों के बीच स्थित साझा नाली को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। दोनों पंचायतें इस क्षेत्र की जिम्मेदारी लेने से बच रही हैं, जिससे पूरे इलाके में गंदगी का अंबार लग गया है। बारिश के मौसम में जलभराव और कीचड़ ने ग्रामीणों की परेशानी कई गुना बढ़ा दी है।
समस्या से त्रस्त ग्रामीणों ने शमशाबाद थाना पुलिस तथा खंड विकास अधिकारी राधेश्याम को शिकायती पत्र देकर तत्काल सफाई व्यवस्था बहाल कराने और सीमा विवाद का स्थायी समाधान कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे उच्चाधिकारियों से शिकायत करने के साथ आंदोलन का रास्ता भी अपनाएंगे।
खंड विकास अधिकारी राधेश्याम ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है और पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। यदि सफाईकर्मी बिना कार्य किए वापस लौटा है तो उसके विरुद्ध वेतन रोकने सहित विभागीय कार्रवाई की जाएगी।


