एटा
जनपद के सकीट थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे के बाद हालात उस वक्त बेकाबू हो गए, जब घायल दूधिया की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने मौके पर जमकर हंगामा करते हुए पुलिस पर पथराव कर दिया। आक्रोशित भीड़ ने शव को जीटी रोड पर रखकर जाम लगा दिया, जिससे इलाके में कई घंटों तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
मिली जानकारी के अनुसार, फिरोजाबाद जनपद के एका थाना क्षेत्र के नगला गड़रिया निवासी 23 वर्षीय बबलू, जो पेशे से दूध का कारोबार करते थे, अपनी ससुराल कर्मचंदपुर जा रहे थे। इसी दौरान नोकसपुर गांव के पास किसी अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन परिजनों का आरोप है कि एंबुलेंस करीब दो घंटे की देरी से पहुंची।
घायल युवक को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस खबर के मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा। उन्होंने पहले घटनास्थल पर पुलिस पर पथराव किया और बाद में शव को जीटी रोड पर रखकर जाम लगा दिया। इस दौरान शहर कोतवाली इंस्पेक्टर प्रेमपाल सिंह सहित कई पुलिसकर्मियों से हाथापाई भी की गई।
स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन को भारी पुलिस बल और पीएसी बुलानी पड़ी। काफी मशक्कत के बाद अधिकारियों ने लोगों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। सदर विधायक विपिन वर्मा डेविड भी मौके पर पहुंचे और परिजनों को आश्वासन दिया कि एंबुलेंस की देरी के मामले की जांच कराई जाएगी।
जाम के कारण सैकड़ों वाहन जीटी रोड पर फंस गए, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई बारातें भी इस जाम में फंसी रहीं, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। बाद में पुलिस ने वैकल्पिक मार्ग से वाहनों को निकलवाया।
वहीं एंबुलेंस कर्मियों का कहना है कि वे समय पर पहुंचे थे, लेकिन मौके पर भारी भीड़ और पथराव के कारण सीधे घटनास्थल तक नहीं पहुंच सके। अतिरिक्त पुलिस बल आने के बाद ही वे घायल को लेने पहुंचे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है और हादसे में शामिल अज्ञात वाहन की तलाश जारी है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है, जबकि प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।


