लखनऊ
प्रदेश में निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया जारी है। नए शैक्षणिक सत्र में 1.95 लाख सीटों के मुकाबले अब तक करीब 1.05 लाख बच्चों का प्रवेश हो चुका है, जबकि लगभग 90 हजार सीटें अभी भी खाली हैं। इन शेष सीटों को भरने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने प्रवेश की अंतिम तिथि एक सप्ताह और बढ़ा दी है।
विभाग के अनुसार, बचे हुए बच्चों के प्रवेश के लिए सभी जिलों में विशेष अभियान चलाया जाएगा। समग्र शिक्षा के उपनिदेशक डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे सुनिश्चित करें कि चयनित बच्चों का प्रवेश हर हाल में कराया जाए। इसके लिए रोजाना गूगल शीट के माध्यम से रिपोर्टिंग अनिवार्य की गई है, ताकि राज्य स्तर पर निगरानी की जा सके।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन निजी स्कूलों द्वारा आरटीई के तहत प्रवेश देने में आनाकानी की जा रही है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ऐसे स्कूलों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं और प्रवेश प्रक्रिया में बाधा डालने वालों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
इस बार आरटीई प्रवेश प्रक्रिया को तीन चरणों में पूरा किया गया था और प्रयास किया गया कि अप्रैल से पहले ही पूरी प्रक्रिया संपन्न हो जाए। हालांकि, सीटों के खाली रहने के कारण अब अंतिम अवसर दिया गया है, ताकि अधिक से अधिक पात्र बच्चों को शिक्षा का अधिकार मिल सके।
इसी बीच राज्य में अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक तैयारियां भी चल रही हैं, जिनमें होमगार्ड भर्ती परीक्षा शामिल है। इसके लिए 25 से 27 अप्रैल के बीच परीक्षा आयोजित की जाएगी और सुरक्षा व पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। परीक्षा में लाखों अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है, जिसके चलते प्रशासन सतर्क है।


