– एसआईटी जांच पर भरोसा; कहा- भविष्य में न हो ऐसी घटना
नई दिल्ली/अयोध्या। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित अनियमितताओं के मामले पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने चिंता और दुख व्यक्त किया है। संघ ने कहा कि यह घटना करोड़ों राम भक्तों की आस्था से जुड़ा विषय है और भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। साथ ही संगठन ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) और पुलिस की कार्रवाई पर विश्वास जताते हुए उम्मीद व्यक्त की कि जांच निष्कर्ष तक पहुंचेगी और दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई होगी।
आरएसएस की बैठक में कहा गया कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में दान पेटी से जुड़े कथित अनियमितताओं के आरोप अत्यंत गंभीर हैं। संगठन का मानना है कि इस पूरे मामले में पारदर्शिता बनाए रखना और श्रद्धालुओं के विश्वास को मजबूत करना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
संघ ने भरोसा जताया कि एसआईटी और पुलिस की जांच से पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने आएगी। साथ ही यह भी अपेक्षा व्यक्त की कि मंदिर प्रबंधन भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी प्रणाली और दान प्रबंधन प्रक्रिया को और अधिक मजबूत करेगा।
गौरतलब है कि चढ़ावे में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक जांच में दान पेटियों के संचालन और निगरानी व्यवस्था में कई प्रक्रियागत कमियों की ओर संकेत किया है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है और पुलिस मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है।
यह मामला सामने आने के बाद राजनीतिक स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं तेज हुई हैं। विभिन्न दलों ने अपने-अपने स्तर पर बयान दिए हैं, जबकि आरएसएस ने इस विषय को राजनीतिक विवाद से ऊपर उठाकर श्रद्धालुओं की आस्था और मंदिर व्यवस्था की पारदर्शिता से जुड़ा मुद्दा बताया है। संगठन ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों को कानून के अनुसार दंड मिलना चाहिए और भविष्य के लिए ऐसी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए जिससे श्रद्धालुओं का विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो।


