– योगी सरकार की पहल से वर्षों से लंबित भुगतान हुआ जारी
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पारदर्शी, जवाबदेह और संवेदनशील प्रशासनिक व्यवस्था का असर अब जमीनी स्तर पर भी दिखाई देने लगा है। प्रदेश सरकार की पहल पर जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए शुरू किए गए “संध्या संवाद” कार्यक्रम के तहत देवीपाटन मंडल में सेवानिवृत्त कर्मचारियों की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान करते हुए 89 लाख 41 हजार 612 रुपये की सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) का भुगतान कराया गया।
श्रावस्ती जिले में आयोजित संध्या संवाद कार्यक्रम के दौरान कई सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने जीपीएफ और अन्य सेवा संबंधी देयों के लंबित होने की शिकायत मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल के समक्ष रखी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को सभी मामलों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित एवं पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मंडलायुक्त के निर्देशों के बाद जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर सभी आवश्यक औपचारिकताएं तेजी से पूरी कराईं। इसके परिणामस्वरूप पात्र सेवानिवृत्त कर्मचारियों के खातों में लंबित जीपीएफ की धनराशि हस्तांतरित कर दी गई।
इस अभियान के तहत प्रकाश नारायण पाठक, राजेंद्र प्रसाद पाण्डेय, सुनील श्रीवास्तव, प्रेम नारायण वर्मा, कौशल्या देवी, अवधेश कुमार तथा भगवान दीन वर्मा सहित अन्य पात्र कर्मचारियों को उनके सेवा संबंधी देयों का भुगतान किया गया। सभी लाभार्थियों को मिलाकर कुल 89,41,612 रुपये की धनराशि जारी की गई। लंबे समय से भुगतान का इंतजार कर रहे कर्मचारियों ने राशि मिलने पर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार अधिकारियों को निर्देश देते रहे हैं कि जनशिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता न बनकर संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ किया जाए। उनकी स्पष्ट मंशा है कि किसी भी कर्मचारी या आम नागरिक को अपने वैधानिक अधिकारों के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
उल्लेखनीय है कि “संध्या संवाद” कार्यक्रम की शुरुआत श्रावस्ती जिले की ग्राम पंचायत टेण्डवा महन्थ से की गई थी। इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रशासन सीधे गांवों और आम लोगों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुन रहा है, मौके पर समाधान करा रहा है और पात्र लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ भी पहुंचा रहा है।
प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि “संध्या संवाद” अब आम जनता और प्रशासन के बीच विश्वास का मजबूत माध्यम बनता जा रहा है। सरकार की मंशा है कि इसी प्रकार की पहल के जरिए प्रदेश में सुशासन को और अधिक प्रभावी बनाया जाए तथा हर पात्र व्यक्ति को समयबद्ध तरीके से उसका अधिकार सुनिश्चित कराया जाए।


